रिपोर्ट- विमलेंद्र राय
धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी इन दिनों एक सनसनीखेज खुलासे से चर्चा में है. वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने नशे के काले कारोबार और उसके पीछे चल रहे करोड़ों रुपये के हवाला नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के कड़े तेवरों का ही नतीजा है कि रोहनिया और सारनाथ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस सिंडिकेट के 5 लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया है. लेकिन इस कार्रवाई ने तब सुर्खियां बटोरी जब इस नशीले खेल के तार राजनीति और खासकर समाजवादी पार्टी से जुड़ते नजर आए.
पुलिस की जांच में जो सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है, वह है 23 करोड़ रुपये का हवाला ट्रांजेक्शन. यह सिंडिकेट सिर्फ नशीली कफ सिरप बेचने तक सीमित नहीं था, बल्कि उससे होने वाली काली कमाई को ठिकाने लगाने के लिए हवाला के जरिए एक समानांतर अर्थव्यवस्था चला रहा था. पुलिस की मानें तो यह पैसा न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि देश के अन्य हिस्सों और सीमा पार तक फैला हो सकता है. रोहनिया और सारनाथ पुलिस की इस कामयाबी ने यह साफ कर दिया है कि बनारस को नशे की मंडी बनाने की साजिश काफी गहरी थी.
इस पूरे मामले में जो सबसे बड़ा मोड़ आया है, वह है आरोपियों का राजनीतिक कनेक्शन. पुलिस द्वारा अब तक इस सिंडिकेट में जितने भी लोग दबोचे गए हैं, उनमें से लगभग सभी का संबंध कहीं न कहीं समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं से निकल रहा है. रविवार को पकड़े गए 5 आरोपियों में से दो की पहचान वाराणसी कोतवाली थाना क्षेत्र के ‘यादव बंधुओं’ के रूप में हुई है. गिरफ्तारी के कुछ ही देर बाद इन आरोपियों की तस्वीरें समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेताओं के साथ सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं. इन तस्वीरों ने पुलिस की जांच को एक नया एंगल दे दिया है.
वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने पदभार संभालते ही नशा माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. पुलिस के मुताबिक, यह सिंडिकेट कोडिंन युक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई कर युवाओं की नसों में जहर घोल रहा था. मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीमें लगातार इस सिंडिकेट की कड़ियों को जोड़ने में लगी हुई हैं. पुलिस का कहना है कि यह तो बस शुरुआत है. इस नेटवर्क में शामिल अन्य बड़े चेहरों और सफेदपोशों की पहचान की जा रही है, जो पर्दे के पीछे रहकर इस अवैध धंधे को संरक्षण दे रहे थे.
फिलहाल पुलिस इन पांचों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है ताकि 23 करोड़ के हवाला कारोबार का हिसाब मिल सके. सूत्रों का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल डेटा और बैंक डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं, जिससे कुछ और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं. वाराणसी पुलिस की इस कार्रवाई से नशा तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं स्थानीय लोग पुलिस की इस मुस्तैदी की सराहना कर रहे हैं.
ये भी पढ़ें: बच्चों की थाली से चोरी हुए 11 करोड़! मास्टरमाइंड के बाद अब 2 और बलरामपुर ‘खिलाड़ी’ गिरफ्तार
-भारत एक्सप्रेस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच टेलीफोन पर द्विपक्षीय संबंधों…
India ITME 2026: इंडिया आईटीएमई 2026 इस दिसंबर ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने जा रहा…
Amit Shah targets Arvind Kejriwal: द्वारका में 8,941 करोड़ रुपये के यमुना प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन…
गाजियाबाद के सनसिटी में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित विश्व के सबसे बड़े…
Shiva Sharma Death Case: लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में मॉडल…
Khargone Illegal Weapons: खरगोन पुलिस ने कसरावद रोड पर कार से 14 अवैध देसी पिस्टल…