उत्तर प्रदेश

‘सपा का मतलब डकैतों का गिरोह…’, देवरिया से सीएम योगी का अखिलेश पर तीखा हमला

Yogi Adityanath In Deoria: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देवरिया में 305 करोड़ रुपये की लागत वाली 80 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा.

उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में सरकार, राज्य और नौकरशाही वही थी, लेकिन तब न सुरक्षा थी, न विकास, न सम्मान और न रोजगार. गरीबों को आवास और बिजली तक उपलब्ध नहीं थी, जबकि स्कूल नकल के अड्डे बन गए थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वही देवरिया है, जहां कांग्रेस की सरकार में विरोध के बावजूद कांग्रेस विधायक रहते हुए पूज्य राघव बाबा ने रामजन्मभूमि आंदोलन में हिस्सा लिया था. उन्होंने कहा था कि यदि कांग्रेस राम मंदिर की राह में बाधा बनेगी तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा.

विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा देवरिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि राघव बाबा ने कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति का विरोध किया था. आज यही देवरिया विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के पहले भी राज्य में सरकार थी, राज्य भी वही है, नौकरशाही भी वही है, लेकिन तब न सुरक्षा थी, न विकास था, न सम्मान था, न रोजगार था, गरीब को आवास नहीं था, न ही बिजली थी, न सड़क थी. स्कूल नकल के अड्डे बन गए थे. बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की जर्जर हालत उस समय की सरकारों की जर्जरता का ही प्रमाण प्रस्तुत करती थी.

मुख्यमंत्री ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफ्लाइटिस की समस्या को लेकर भी सपा और कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि 15 जुलाई से 15 नवंबर तक देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर और बस्ती में पहले भय और दहशत का माहौल रहता था. हर मां-बाप अपने मासूम बच्चे को लेकर चिंतित रहता था. उन्होंने कहा कि यह बीमारी नहीं थी, यह बीमार मानसिकता थी उस समय की समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की सरकारों की. यह बीमार मानसिकता थी जो यहां के मासूमों को निगल रही थी और इनके कानों में जूं नहीं रेंगता था. ये मौन बने रहते थे, इनकी संवेदना मर चुकी थी.

सपा और कांग्रेस का दुष्परिणाम है इंसेफ्लाइटिस

योगी ने कहा कि इसका दुष्परिणाम यहां के मासूमों को भुगतना पड़ा. उन्होंने दावा किया कि 40 वर्षों में 50 हजार से अधिक मासूमों की मौत हुई, लेकिन एक भी बार समाजवादी पार्टी का मुख्यमंत्री, कांग्रेस का मुख्यमंत्री या कांग्रेस का प्रधानमंत्री यहां पीड़ितों का हाल जानने नहीं आया. मुख्यमंत्री ने लखनऊ के जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को लेकर भी समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने अपने विचारधारा के मुखिया जय प्रकाश नारायण को भी नहीं छोड़ा.

उन्होंने कहा कि जेपीएनआईसी की प्रारंभिक लागत करीब 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन सपा सरकार में इस पर 864 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए और इसके बावजूद परियोजना अधूरी रह गई. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इसे पूरा करने में अब भी 150 से 200 करोड़ रुपये खर्च होने की आवश्यकता है. योगी ने आरोप लगाया कि सपा की मंशा सरकारी खजाने से 900 से 1000 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद जेपीएनआईसी को एक निजी कंपनी के हवाले करने की थी.

उन्होंने दावा किया कि इस कंपनी से सपा के नेताओं का संबंध था और कमाई उनके घर जाने की योजना थी. मुख्यमंत्री ने इस दौरान डिंपल यादव, अखिलेश यादव और धर्मेंद्र यादव का भी नाम लिया. मुख्यमंत्री ने सपा सरकार की नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा कि उस समय कब्रिस्तान की बाउंड्री के नाम पर पैसा खर्च किया जाता था. उन्होंने कहा, “सपा का मतलब लूट-खसोट, सपा का मतलब डकैतों का गिरोह!” उन्होंने सपा सरकार में बेटियों के साथ हुए व्यवहार का भी जिक्र करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा.

सरकार के विकास काम देख टेंशन में ‘बबुआ’

मुख्यमंत्री ने 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा शुरू किए जाने के बाद अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया पर भी कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि जब सरकार मुफ्त बस यात्रा का शुभारंभ कर रही थी, तब समाजवादी पार्टी के “बबुआ” की नींद टूटी और उन्होंने जल्दबाजी में प्रेस वार्ता बुला ली. योगी ने कहा कि भूल गए कि क्या बोलना, क्या है, कहने लगे कि 4 लाख लेंगे, 40 हजार लेंगे इन लोगों से. हमने कहा लेना नहीं, देना है इनको.

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उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि जब वह दोपहर 12 बजे सोकर उठेंगे तो उनका दिमाग कैसे काम करेगा. उन्होंने कहा कि उनके अंदर केवल झुंझलाहट बनी रहेगी. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में एक पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, “एक बार हमने सुना कि एक पत्रकार के गले पर तलवार रख दी थी.” मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में सुरक्षा, विकास और सुशासन का माहौल है और सरकार बिना भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

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