उत्तर प्रदेश

प्रधानमंत्री मोदी के स्मार्ट पुलिसिंग विजन को जीवन का मूलमंत्र बनाएं पुलिसकर्मी- सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि प्रत्येक पुलिस अधिकारी और कर्मी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट पुलिसिंग विजन को अपने जीवन का मूलमंत्र बनाना चाहिए.

सीएम योगी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन ‘पुलिस मंथन-2025’ को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को स्मार्ट पुलिसिंग का विजन दिया है. सख्त और संवेदनशील, आधुनिक और गतिशील, सतर्क और जवाबदेह, विश्वसनीय और उत्तरदायी, तकनीक-प्रेमी और प्रशिक्षित… प्रत्येक पुलिस अधिकारी और कर्मी को इसे अपने जीवन का मूलमंत्र बनाना चाहिए.

उन्होंने राज्य में कानून का शासन स्थापित करने के लिए यूपी पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि कानून के शासन के कारण ही देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य के नागरिक पहले की असुरक्षा की भावना की तुलना में सुरक्षा की भावना का आनंद ले रहे हैं.

यूपी पुलिस को स्मार्ट बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून के इस शासन को कायम रखने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें खुद को अपडेट करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि दो दिवसीय सम्मेलन में हुई चर्चाएं प्रधानमंत्री मोदी के ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ और ‘विजन 2047, विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्यों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि किस प्रकार की आधुनिक, संवेदनशील और प्रभावी पुलिस व्यवस्था की आवश्यकता है? इस दिशा में पिछले दो दिनों में तैयार किया गया रोडमैप अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने सुझाव दिया कि इस सम्मेलन को एक स्थायी मंच बनाने के लिए हर साल आयोजित किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि लगभग 55 वक्ताओं द्वारा 11 सत्रों के माध्यम से प्रस्तुत किए गए विचार, अनुभव और सुझाव उत्तर प्रदेश पुलिस को अधिक आधुनिक, संवेदनशील, प्रौद्योगिकी-सक्षम और जनविश्वास पर आधारित बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे. मुख्यमंत्री ने इस सार्थक आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी पुलिस कर्मियों को बधाई दी. उन्होंने राज्य के पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया.

महिला सुरक्षा को नई दिशा

सीएम योगी ने कहा कि राज्य में अन्य पहलों के साथ-साथ, ‘मिशन शक्ति’ से जुड़ी महिला गश्ती अधिकारियों को स्कूटर उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जाना चाहिए, ताकि इस कार्यक्रम को और अधिक गति से आगे बढ़ाया जा सके. उन्होंने कहा कि आज यही सबसे बड़ी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि सम्मेलन में पुलिस के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के सुझाव सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि कई जिलों में हमने बैरकों की जगह कर्मचारियों के लिए ऊंची इमारतें बनवाई हैं.

उन्होंने आगे कहा कि हम बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. जब हम सत्ता में आए, तब 10 ऐसे जिले थे जहां पुलिस लाइन बनाने में दो दशक से अधिक की देरी हो चुकी थी, लेकिन हमने धनराशि उपलब्ध कराई, महिला इकाइयों सहित प्रोविजनल आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (पीएसी) बटालियनों का पुनर्गठन शुरू किया.

ये भी पढ़ें: 2025 में भारत ने कैसे रचा इतिहास? ‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने गिनाई उपलब्धि

-भारत एक्सप्रेस

आईएएनएस

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