Sunita Willaims Met Crew 10: नासा और स्पेसएक्स के संयुक्त क्रू-10 मिशन के अंतरिक्ष यात्री इस समय इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में हैं. फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट पर सवार क्रू-10 के अंतरिक्ष यात्री सफलतापूर्वक आईएसएस पहुंच गए हैं. स्थानीय समयानुसार सुबह 9:40 बजे ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ने आईएसएस के साथ डॉकिंग पूरी की, जिसके बाद हैच खुलने पर अंतरिक्ष यात्रियों का स्वागत हुआ.
इस दौरान क्रू-10 टीम ने सुनीता विलियम्स और बुच विल्मर से मुलाकात की, जिनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं.
क्रू-10 मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं. इसमें अमेरिका के दो अंतरिक्ष यात्री एन मैक्केलन और निकोल आयर्स, जापान के तुकुया ओनिशी और रूस के किरिल पेस्कोव हैं. डॉकिंग के बाद इन अंतरिक्ष यात्रियों ने आईएसएस पर मौजूद सुनीता विलियम्स और बुच विल्मर से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान सुनीता और बुच के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी. सुनीता ने साथी अंतरिक्ष यात्रियों को गले लगाकर अपनी खुशी का इजहार किया और सभी के साथ मस्ती करती नजर आईं.
अब क्रू-10 के सदस्य आईएसएस पर अपने मिशन को आगे बढ़ाएंगे, जबकि सुनीता विलियम्स और बुच विल्मर नए अंतरिक्ष यात्रियों को स्टेशन के संचालन और व्यवस्था की जानकारी देंगे. नासा के अनुसार, अगले कुछ दिनों में सुनीता और बुच की धरती पर वापसी की तैयारी पूरी हो जाएगी. उम्मीद है कि इस हफ्ते के अंत तक, यानी बुधवार से पहले, मौसम अनुकूल रहने पर स्पेसएक्स का कैप्सूल आईएसएस से अलग हो जाएगा. इसके बाद यह फ्लोरिडा के तट पर लैंड करेगा, जिसके साथ ही सुनीता और बुच की अंतरिक्ष यात्रा समाप्त होगी.
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मर की वापसी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी खास रुचि दिखाई है. ट्रंप ने स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है. कुछ दिनों पहले ट्रंप ने बयान दिया था कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने सुनीता और बुच को अंतरिक्ष में ही छोड़ दिया था. इसके बाद मस्क की कंपनी ने उनकी वापसी के लिए प्रयास तेज कर दिए. हालांकि, तकनीकी कारणों से क्रू-10 की लॉन्चिंग 15 मार्च को टल गई थी, लेकिन बाद में इसे सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया गया.
क्रू-10, स्पेसएक्स के मानव अंतरिक्ष परिवहन प्रणाली का 10वां क्रू रोटेशन मिशन है, जो नासा के साथ मिलकर संचालित किया जा रहा है. यह मिशन अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक और कदम है.
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मर पिछले साल 5 जून को बोइंग स्टारलाइनर के जरिए आईएसएस के लिए रवाना हुए थे. यह नासा और बोइंग का जॉइंट क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन था. उनकी योजना एक हफ्ते बाद वापस लौटने की थी, लेकिन स्टारलाइनर में तकनीकी खराबी के कारण उनकी वापसी में देरी हो गई. इसके बाद वे आईएसएस पर ही रुक गए. अब स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के जरिए उनकी वापसी संभव हो सकेगी.
इस मिशन और अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी की प्रक्रिया पर दुनिया भर की नजरें टिकी हैं. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मिशन कैसे अपने अगले चरण को पूरा करता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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