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International News: तीसरी बार India आएंगे Bill Gates, खुद दी जानकारी

Microsoft के सह-संस्थापक बिल Bill Gate ने Linkdin पर घोषणा किया कि वह तीन साल में तीसरी बार भारत की यात्रा करेंगे.

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Edited by Akansha

Bill Gates News: माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के सह-संस्थापक बिल गेट्स (Bill Gate) ने लिंक्डइन (Linkdin) पर घोषणा किया कि वह तीन साल में तीसरी बार भारत की यात्रा करेंगे. बिल गेट्स की ये यात्रा ग्लोबल साउथ में गेट्स फाउंडेशन के ‘बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज’ की पहली बार हो रही बैठक के समय होगी. यात्रा के दौरान इस बात पर जोर दिया जाएगा कि एक वैश्विक लीडर के तौर पर भारत की ऐतिहासिक भूमिका स्वास्थ्य सेवा, कृषि और डिजिटल परिवर्तन की दिशा में हुई है.

जानिए क्या है गेट्स फाउंडेशन की भारत में भागीदारी

बिल गेट्स ने जानकारी देते हुए बताया कि गेट्स फाउंडेशन बीते दो दशक से ज्यादा समय से भारत में काम कर रहा है. इस काम को भारत सरकार, शोधकर्ता और उद्यमियों के मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाया है. बिल गेट्स ने कहा, “उनकी भारत की यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हम अपनी 25वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. गेट्स फाउंडेशन के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की पहली बार ग्लोबल साउथ में बैठक हो रही है. इस माइल स्टोन के लिए भारत सबसे सही जगह है.” खास बात ये है कि बिल ने भारत के पोलियो उन्मूलन, HIV रोकथाम, तपेदिक उन्मूलन और बचपन में होने वाले टीकाकरण सहित प्रमुख स्वास्थ्य पहल की तरफ भी इशारा किया.

बिल गेट्स ने की सफलता की प्रशंसा

बिल गेट्स ने पोलियो उन्मूलन की दिशा में भारत की सफलता की प्रशंसा की. उन्होंने साल 2011 की अपनी यात्रा को याद किया. जब भारत ने देश में अंतिम पोलियो मामला दर्ज किया था. उन्होंने भारत के HIV रोकथाम कार्यक्रम आवाहन को भी श्रेय दिया. बता दें कि इस कार्यक्रम ने HIV को लेकर लोगों के दृष्टिकोण का बीड़ा उठाया. वहीं सरकार की स्वास्थ्य रणनीति में सबको एक साथ लाया.

आपको बता दें कि गेट्स अब भारत को टीबी उन्मूलन की दिशा में भी सबसे आगे देखते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि नई बीमारियों के निदान में भारत ने एआई-संचालित टेस्ट उपकरणों और बेहतर उपचार की दिशा में निवेश किया है. बिल गेट्स ने कहा, “दुनिया का सबसे बड़ा बोझ टीबी है, लेकिन नए निदान, एआई-संचालित पहचान उपकरणों और बेहतर उपचार के कारण इस दिशा में प्रगति को तेजी से हो रही है.”उन्होंने वैक्सीन निर्माण और कम पैसे में रोगों का निदान करने के भारत के प्रयास का उल्लेख किया. इसमें $2 से कम कीमत वाली लार के टेस्ट पर आधारित टीबी जांच शामिल है, जिसका वैश्विक प्रभाव हो सकता है.

भारत की डिजिटल क्रांति और AI से बदलाव

गेट्स ने भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (DPI) पर प्रकाश डाला, जिसमें आधार और डिजिटल भुगतान शामिल है. इसने बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा और सरकारी सेवाओं तक पहुंच में सुधार किया है. बिल गेट्स ने बताया, “भारत ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की मदद से बीमारी का जल्द पता लगाने में AI का प्रयोग कर रहा है. गर्भावस्था के दौरान माता की देखभाल और रोगी का डेटा को रखने के लिए AI-संचालित DPI टूल का उपयोग हो रहा है.” इसके अलावा कृषि में भी AI के उपयोग बढ़ रहा है. आज AI भारत के किसानों को मौसम की जानकारी देने, ज्यादा उपज वाली फसल चुनने और बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद कर रहा है.

भारत का वैश्विक प्रभाव

गेट्स ने कहा कि भारत में हो रही प्रगति सीमाओं से परे है. खासकर पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा भारत की G20 प्रेसीडेंसी के दौरान देश के नवाचारों को वैश्विक स्तर पर साझा करने का संकल्प लेने के बाद और प्रगति हुई है. आज भारत ने वैक्सीन निर्माण से लेकर AI-संचालित डायग्नोस्टिक्स तक तमाम समाधान दुनिया के साथ साझा किए हैं, जो ये साबित करते हैं कि डिजिटल प्रौद्योगिकी सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बना सकती है.



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