पावेल डुराव.
सीईओ और को-फाउंडर पावेल डुरोव (Pavel Durov) के फ्रांस में गिरफ्तार किए जाने के बाद मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम (Telegram) ने सोमवार को कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है. यह दावा करना बेतुका है कि कोई प्लेटफॉर्म या उसका मालिक उस प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार है.
रूस में जन्मे डुरोव को फ्रांस (France) की राजधानी पेरिस (Paris) के ले बॉर्गेट हवाई अड्डे पर बीते शनिवार (24 अगस्त) को गिरफ्तार किया गया था, जब वे अजरबैजान की राजधानी बाकू से एक निजी विमान से लौटे थे. उन पर आरोप है कि वह टेलीग्राम पर आपराधिक गतिविधियों को रोकने में असफल रहे हैं. हालांकि, कंपनी ने कहा है कि वह यूरोपियन यूनियन के सभी नियमों का पालन करते हैं, ‘डिजिटल सर्विसेज एक्ट’ का भी.
डुरोव को ‘टेलीग्राम पर मॉडरेटर की कमी और पुलिस के साथ सहयोग की कमी के कारण कथित तौर पर कई तरह के अपराधों की अनुमति देने’ के मामले में एक प्रारंभिक पुलिस जांच के तहत गिरफ्तार किया गया है.
सोशल साइट X पर एक पोस्ट में टेलीग्राम के आधिकारिक अकाउंट पर कहा गया है कि यह दावा करना ‘बेतुका’ है कि कोई प्लेटफॉर्म या उसका मालिक उस प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार है.
पोस्ट में कहा गया है, ‘दुनिया भर में लगभग एक अरब उपयोगकर्ता टेलीग्राम को संचार के साधन और महत्वपूर्ण जानकारी के स्रोत के रूप में उपयोग करते हैं. हम इस स्थिति के शीघ्र समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। टेलीग्राम आप सभी के साथ है.’
कंपनी की ओर से कहा गया है कि टेलीग्राम के सीईओ पावेल डुरोव के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है. यूरोप में वे लगातार यात्रा करते रहते हैं. पूरी दुनिया में टेलीग्राम के 900 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं और व्यापक स्तर पर सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए पूरी दुनिया में इसका उपयोग होता है.
कंपनी ने आगे कहा, ‘टेलीग्राम European Union के नियमों का पालन करती है. इसका मॉडरेशन इंडस्ट्री मानकों के अनुरूप किया जाता है और हम इसमें लगातार सुधार कर रहे हैं.’
फ्रांस और टेलीग्राम, सोशल मीडिया ऐप्स और वेबसाइटों पर पोस्ट की गई सामग्री के विनियमन को लेकर सरकारों और तकनीकी कंपनियों के बीच टकराव के नवीनतम मामला है.
39 वर्षीय डुरोव का जन्म पूर्व सोवियत संघ (वर्तमान रूस) में हुआ था और उन्होंने रूस के सेंट पीटर्सबर्ग विश्वविद्यालय में अध्ययन किया. इसके बाद उन्होंने VKontakte नामक एक सोशल मीडिया ऐप की सह-स्थापना की थी, जो देश में लोकप्रिय हो गया.
टाइम मैगज़ीन प्रोफाइल के अनुसार, डुरोव ने रूस छोड़ दिया जब अधिकारियों ने उन्हें यूजर्स का एन्क्रिप्टेड डेटा देने के लिए कहा था. एन्क्रिप्शन जानकारी की सुरक्षा करने और इसे केवल उन यूजर्स के लिए सुलभ बनाने का एक तरीका है, जो उक्त जानकारी का आदान-प्रदान करते हैं, न कि दूरसंचार प्रदाताओं या ऐप मालिकों के लिए.
अगर डुरोव अदालत में अपराधी घोषित होते हैं तो उन्हें 20 वर्ष की जेल हो सकती है. टेलीग्राम के सीईओ पावेल डुरोव दुबई में रहते हैं. उनके पास यूएई और फ्रांस की नागरिकता है. उनके पास करीब 15.5 अरब डॉलर की संपत्ति है. रूसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीके पर रूसी सरकार द्वारा विपक्ष को बैन करने के दबाव के चलते डुरोव ने 2014 में रूस छोड़ दिया था.
फ्रांस में मौजूद रूसी दूतावास की ओर से इसे लेकर तत्काल कदम उठाए गए हैं. टेलीग्राम एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग की पेशकश करता है. इसमें यूजर्स को फॉलोअर्स तक जानकारी जल्दी से प्रसारित करने के लिए ‘चैनल’ भी बनाना होता है.
14 अगस्त 2013 को पावेल और उनके भाई ने टेलीग्राम की स्थापना की, जो यूजर्स की गोपनीयता को केंद्र में रखकर बनाया गया ऐप है. निकोलाई ने इसका एन्क्रिप्शन डिजाइन किया. ऐप ने बड़े ग्रुप्स के गठन की भी अनुमति दी, जिससे वर्तमान में एक समूह में 2,00,000 तक सदस्य हो सकते हैं.
टेलीग्राम यूजर्स के लिए कई डिवाइस के साथ सिंक भी करता है. इन सुविधाओं ने इसे वॉट्सऐप जैसे ऐप पर बढ़त दिलाई. तब से टेलीग्राम दुनिया भर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले सोशल मीडिया ऐप में से एक बन गया है.
इसकी सफलता की बदौलत डुरोव अब एक अरबपति हैं. उनके पास फ्रांस और यूएई की नागरिकता भी है और यह स्पष्ट नहीं है कि उनके पास अभी भी रूसी नागरिकता है या नहीं.
(समाचार एजेंसी आईएएनएस से इनपुट के साथ)
-भारत एक्सप्रेस
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