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Explained: ट्रंप के लिए बड़ी मुसीबत! कांग्रेस गंवाने के बाद क्या ईरान युद्ध पर यू-टर्न लेने को मजबूर होंगे अमेरिकी राष्ट्रपति?

US Politics: अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स को कांग्रेस के दोनों सदनों में बड़ी जीत मिली है, जिसके बाद क्या वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के साथ चल रहे युद्ध को रोकने के लिए मजबूर कर सकते हैं, इसे लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है.

अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि जनता ईरान संघर्ष से ऊब चुकी है, लेकिन संवैधानिक सीमाओं और वीटो पावर के कारण वे रातों-रात युद्ध रोक नहीं सकते. इसके बावजूद, कांग्रेस का नियंत्रण मिलने से वे प्रशासन की नीतियों पर कड़ा अंकुश लगाने और तीखा राजनीतिक दबाव बनाने में जरूर सफल होंगे.

अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में ट्रंप को झटका और डेमोक्रेट्स की जीत

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को कांग्रेस के दोनों सदनों (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट) में करारी हार का सामना करना पड़ा है, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी ने दोनों सदनों पर अपना नियंत्रण हासिल कर लिया है. इस राजनीतिक उलटफेर के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या डेमोक्रेट्स ट्रंप को ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध को रोकने के लिए बाध्य कर सकते हैं.

महंगाई और युद्ध से त्रस्त थी अमेरिकी जनता

मध्यावधि चुनावों में महंगाई, अर्थव्यवस्था और ईरान के साथ चल रहे खर्चीले युद्ध को लेकर जनता के बीच गहरा असंतोष था. राष्ट्रपति ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी यह स्वीकार किया है कि सैन्य संघर्ष और आसमान छूते पेट्रोल-डीजल के दामों ने रिपब्लिकन पार्टी की हार में बड़ी भूमिका निभाई. जनता इसी अनिश्चितता से त्रस्त थी, जिसके चलते डेमोक्रेट्स को भारी बढ़त मिली है.

क्या डेमोक्रेट्स सीधे तौर पर रोक सकते हैं युद्ध?

संवैधानिक रूप से केवल बहुमत होने मात्र से डेमोक्रेट्स ट्रंप को तुरंत युद्ध रोकने के लिए बाध्य नहीं कर सकते. अमेरिकी संविधान के अनुसार राष्ट्रपति सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ होते हैं और उनके पास व्यापक कार्यकारी शक्तियां होती हैं. इसके अलावा, राष्ट्रपति के पास ‘वीटो पावर’ होता है, जिसे पलटने के लिए कांग्रेस के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, जो डेमोक्रेट्स के पास नहीं है. हालांकि, बजट और फंडिंग पर नियंत्रण के जरिए वे प्रशासन पर राजनीतिक दबाव जरूर बना सकते हैं.

डेमोक्रेट्स की जीत का वास्तविक और राजनीतिक प्रभाव

भले ही डेमोक्रेट्स सीधे तौर पर युद्ध न रोक सकें, लेकिन कांग्रेस पर नियंत्रण मिलने से उनके पास शक्तिशाली राजनीतिक औजार आ गए हैं. वे ईरान युद्ध की विफलताओं पर तीखी संसदीय जांच बिठा सकते हैं और युद्ध शक्तियों के अधिनियम के तहत प्रस्ताव ला सकते हैं. इससे व्हाइट हाउस पर जनता के सामने जवाब देने का भारी नैतिक दबाव बनेगा और अमेरिकी विदेश नीति की अगली दिशा तय होगी.

यह भी पढ़ें-लो जी…अमेरिका में भी हो गया वोट चोरी, मिडटर्म में हार के बाद गम में ट्रंप, बोले- बैलेट से चुनाव होता तो जीत जाते

-भारत एक्सप्रेस 

Shubhra Rai

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