दुनिया

भारत पर जिस कंपनी ने की हुकूमत, 160 साल बाद दूसरी बार फिर से हुआ पतन

East India Company Shut Down: ईस्ट इंडिया कंपनी का नाम सुनते ही भारत का औपनिवेशिक इतिहास याद आता है. 1857 के विद्रोह के बाद जब ब्रिटिश क्राउन ने कंपनी का शासन खत्म किया था तब इसे हमेशा के लिए बंद मान लिया गया था. लेकिन 2 हजार के दशक में भारतीय कोराबारी संजिव मेहता ने इसे एक नए रूप में दोबारा शुरू किया था. अब यह कंपनी फिर से दिवालिया होकर फिर बंद हो गई है.

कंपनी के ऑनर का क्या कहना है?

मुंबई के गुजराती परिवार से ताल्लुक रखने वाले संजिव मेहता ने दो हजार के शुरुआती वर्षों में ईस्ट इंडिया कंपनी के शेयर खरीदे. 2010 में उन्होंने इसे लंदन में लग्जरी फूड और ड्रिंक ब्रांड के रूप में लॉन्च किया. मेफेयर इलाके में खोले गए स्टोर में चाय, मिठाइयां और प्रिमियम प्रोडक्ट बेचे जाते थे. मेहता का कहना था कि वह इस ब्रांड को दोबारा शुरू करके भारत के लिए इतिहास का एक हिस्सा वापस लेना चाहते थे.

दिवालिया क्यों हुई कंपनी?

कंपनी के आधिकारिक रिकॉर्ड बताते हैं कि अक्टूबर 2025 में इसे लिक्विडेशन में डाल दिया गया. कंपनी पर अपनी पैरेंट कंपनी का £6 लाख से ज्यादा कर्ज था. इसक अलावा £1.93 लाख टैक्स और £1.63 लाख कर्मचारी का बकाया भी था. कंपनी की वेबसाइट बंद हो चुकी है और मेफेयर स्थित स्टोर खाली पड़ा है.

मेहता परिवार की कहानी

मेहता के दादा गफूरचंद मेहता 1920 के दशक में बेल्जियम में डायमंड कारोबार करते थे. संजिव ने मुंबई से पढ़ाई करने के बाद अमेरिका के Gemological Institute में ट्रेनिंग ली और परिवार के हीरे के व्यापार से जुड़े. 1998 में वह लंदन चले गए और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सक्रिय हुए.

ये भी पढ़ें-‘अमेरिका दखल को तैयार’, पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव पर बोले ट्रंप

इतिहास का अंत

ईस्ट इंडिया कंपनी अपने चरम दौर में वैश्विक व्यापार की दिशा बदलने वाली ताकत थी. भारत में इसके पास लाखों सैनिक की निजी सेना थी और उस पर भ्राष्टाचार, गुलाम व्यापार और अकालों को बढ़ाने जैसे आरोप लगे. 1857 के विद्रोह के बाद इसका शासन खत्म हुआ. अब आधुनिक रूप में भी इसका अंत हो गया है जिसे भारत और ब्रिटेन के कारोबारी इतिहास का प्रतिकात्मक अध्याय बंद होने जैसा माना जा रहा है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

Recent Posts

ग्रहों की चाल में बड़ा उलटफेर…! तुला-मकर समेत 4 राशियों पर मेहरबान होंगे सितारे, कुंभ वाले सावधान

बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 के राशिफल के अनुसार वृषभ, कर्क, धनु और मीन समेत सभी…

46 minutes ago

Aaj Ka Panchang: त्रिपुष्कर योग और राहुकाल का घमासान! भूलकर भी न करें ये भूल, जानें हर शुभ-अशुभ मुहूर्त

28 अक्टूबर 2026, बुधवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि, कृतिका-रोहिणी नक्षत्र और शुभ…

51 minutes ago

कामकाज में आ सकती हैं मुश्किलें, रिश्तों में धैर्य से लें काम; सेहत को न करें नजरअंदाज

Aaj Ka Rashifal Vrishabh Rashi: वृषभ राशि के जातकों को आज कार्यक्षेत्र में तालमेल बनाकर…

1 hour ago