Bharat Express DD Free Dish

East India Company

1857 Revolt Indian History: 1857 की क्रांति में मेरठ के सिपाहियों ने दिल्ली पर कब्जा कर बहादुर शाह जफर को नेता चुना, लेकिन अंग्रेजों के भयानक पलटवार ने मुगल साम्राज्य का अंत कर दिया.

24 अगस्त 1608 को ईस्ट इंडिया कंपनी का जहाज ‘हेक्टर’ सूरत पहुंचा, जिसे भारत में कंपनी के औपचारिक आगमन की शुरुआत माना जाता है.

19 अगस्त 1757 को कोलकाता में ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपना पहला रुपया ढाला था. प्लासी के युद्ध में जीत के बाद कंपनी को बंगाल में आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने का मौका मिला.

12 अगस्त 1765 की इलाहाबाद की संधि भारतीय इतिहास का निर्णायक मोड़ साबित हुई. बक्सर की लड़ाई में जीत के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी हासिल हुई.

अंग्रेजों की आधुनिक रणनीति और भारतीय जनरलों की गद्दारी के कारण मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय, अवध के नवाब और मीर कासिम के संयुक्त मोर्चे को हार का सामना करना पड़ा.

East India Company Shut Down: भारतीय कारोबारी संजिव मेहता द्वारा लंदन में लग्ज़री ब्रांड के रूप में दोबारा शुरू की गई ईस्ट इंडिया कंपनी अब दिवालिया होकर बंद हो गई है. कंपनी पर भारी कर्ज और टैक्स बकाया था, जिससे इसका आधुनिक अध्याय भी खत्म हो गया.

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की नींव में वे अनगिनत नायिकाएं हैं जिन्होंने विदेशी हुकूमत को ललकारा. इनमें से एक प्रमुख नाम है रानी वेलु नाचियार का, जिन्हें 'वीरमंगई' (बहादुर महिला) के नाम से जाना जाता है.

राहुल गांधी ने एक लेख में कहा कि 'अंग्रेजों की ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत के राजा-महाराजाओं को अपने पक्ष में करके भारत पर शासन किया. सारी ताकत खास तबके के पास चली गई'. राहुल के इस लेख की शाही परिवारों के नेता कड़ी आलोचना कर रहे हैं.

Treaty of Allahabad : सन् 1765 में ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल का नियंत्रण मिलना भारत में मुगल साम्राज्य और ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना थी. यह निर्णय मुख्य रूप से बक्सर की लड़ाई में देशी शासकों की हार के कारण लेना पड़ा.

आपको जानकर खुशी होगी कि सदियों तक हिंदुस्तान को गुलाम बनाकर रखने वाली इस कंपनी पर अब एक भारतीय राज कर रहा है.