दुनिया

Elon Musk की बढ़ीं मुश्किलें! स्टारलिंक को ईरान ने क्यों बताया ‘युद्ध का हथियार’? इस्तेमाल करने वालों को मौत की चेतावनी

Elon Musk Starlink Iran controversy: एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक को लेकर ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है. ईरान का आरोप है कि इस तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ इंटरनेट चलाने के लिए नहीं, बल्कि सैन्य गतिविधियों, जासूसी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए भी किया जा सकता है. इसी वजह से ईरान इसे ‘युद्ध का हथियार’ मान रहा है. सरकार ने स्टारलिंक के इस्तेमाल और इसके उपकरणों की खरीद-बिक्री को लेकर सख्त चेतावनी दी है. कुछ मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े आरोप साबित होने पर मौत की सजा तक हो सकती है.

स्टारलिंक को रोकने के लिए ईरान के पास क्या है प्लान?

ईरान की सुप्रीम नेशनल साइबरस्पेस काउंसिल के सचिव मोहम्मद अमीन आघामिरी ने कहा है कि देश के पास स्टारलिंक टर्मिनल्स का संपर्क बाधित करने के कई तरीके मौजूद हैं. उनके मुताबिक, इनमें से एक सिस्टम का इस्तेमाल जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी किया गया था. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान इस तकनीक को अपने सहयोगी देशों के साथ साझा करने के लिए तैयार है.

दरअसल, स्टारलिंक सामान्य इंटरनेट सेवाओं से अलग तरीके से काम करता है. इसमें पृथ्वी की निचली कक्षा में मौजूद सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट उपलब्ध कराया जाता है. ऐसे में स्थानीय इंटरनेट नेटवर्क बंद होने के बावजूद इसके जरिए ऑनलाइन रहा जा सकता है. यही सुविधा उन सरकारों के लिए चुनौती बन जाती है, जो इंटरनेट पर नियंत्रण रखना चाहती हैं.

स्टारलिंक इस्तेमाल किया तो जेल

ईरान में स्टारलिंक का इस्तेमाल करने पर दो साल तक की जेल का प्रावधान बताया गया है. वहीं, इसके टर्मिनल आयात करने या वितरित करने पर पांच साल तक की सजा हो सकती है. अगर किसी व्यक्ति पर जासूसी या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोप लगते हैं, तो मामले की प्रकृति और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर मौत की सजा भी दी जा सकती है.

ईरान पहले भी स्टारलिंक की सेवाओं को बाधित करने के लिए जैमर, जीपीएस सिग्नल में गड़बड़ी और छापेमारी जैसे कदम उठा चुका है. विरोध प्रदर्शनों के दौरान इस सेवा के जरिए लोग इंटरनेट बंद होने के बावजूद वीडियो और दूसरी जानकारियां साझा कर पाए थे. इससे सरकार की चिंता और बढ़ गई है.


ये भी पढ़ें: एस जयशंकर-UAE विदेश मंत्री की अहम मुलाकात, बदलती दुनिया पर हुई चर्चा; वैश्विक संस्थाओं में सुधार पर जोर


यूक्रेन में भी स्टारलिंक की भूमिका चर्चा में

स्टारलिंक को लेकर विवाद सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है. यूक्रेन में भी युद्ध के दौरान इस सेवा की अहम भूमिका रही है. वहां इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ ड्रोन संचालन और सैन्य संचार में भी इसका इस्तेमाल किया गया है. हालांकि, यूक्रेन में सेवा पर रोक और ड्रोन की क्षमता पर उसके असर से जुड़े दावों को अलग-अलग परिस्थितियों में समझना जरूरी है.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

Recent Posts

तरुण तेजपाल की बढ़ीं मुश्किलें! सुप्रीम कोर्ट में गोवा सरकार का जवाब दाखिल, 3 नवंबर को बड़ा फैसला

Supreme Court: रेप के मामले में दोषी तरुण तेजपाल की ओर से दायर याचिका पर…

3 minutes ago

Supreme Court Ruling: धर्मांतरण कर इस्लाम अपनाने वालों को नहीं मिलेगा आरक्षण, SC ने मद्रास हाईकोर्ट का फैसला रखा बरकरार

Supreme Court: तमिलनाडु सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास…

13 minutes ago

दिल्ली में दमघोंटू हवा के बीच मौसम का यू-टर्न! अब आसमान से बरसेगी आफत, झमाझम बारिश का तांडव

Delhi-NCR Weather: दिल्ली-NCR में दमघोंटू हवा और बढ़ते AQI के बीच मौसम करवट ले रहा…

28 minutes ago

ACP विवेक भगत की शिकायत पर पत्रकार रोजी, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास पर FIR, जानें पूरा मामला

ACP Vivek Bhagat FIR Journalist Rosie: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े विवाद में…

30 minutes ago

सूर्या का रिकॉर्ड ‘धुआं-धुआं’! अभिषेक शर्मा बने T20 के नए ‘सिक्सर किंग’, जानें कौन किस नंबर पर?

भारत और वेस्टइंडीज के बीच चौथे टी20 मैच के दौरान युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने…

31 minutes ago