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गाजा संघर्ष में शांति की उम्मीद, ट्रंप का नया प्रस्ताव और मिस्र में वार्ता की तैयारी

Gaza Conflict: गाजा में लंबे समय से चल रहे संघर्ष के बीच अब एक नई उम्मीद की किरण नजर आ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा से इजरायली सेना की वापसी को लेकर एक नया नक्शा जारी किया है, जिस पर इजरायल ने सहमति जताई है. अब सबकी निगाहें हमास पर हैं कि वह इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है या नहीं.

प्रधानंत्री बेंन्जामिन का संकेत

इजरायल के प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में गाजा में बंदी बनाए गए बंधकों की रिहाई की घोषणा हो सकती है. उन्होंने साफ कहा कि गाजा को हथियारमुक्त किया जाएगा, चाहे वह आसान रास्ता हो या मुश्किल. वहीं, हमास ने बंधकों को छोड़ने पर तो सहमति जताई है, लेकिन हथियार डालने को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है.

राष्ट्रपति ट्रंप का ट्रुथ पोस्ट

इस बीच ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रुथ पर हमास को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे जल्दी समझौता नहीं करते तो सब खत्म हो जाएगा. चलो, इसे फटाफट निपटाते हैं. उन्होंने बताया कि इजरायल ने शुरुआती वापसी रेखा पर सहमति दी है, जिसके तहत इजरायली सैनिक गाजा के दक्षिणी हिस्से में 6.5 किलोमीटर, मध्य में 2 किलोमीटर और उत्तरी हिस्से में 3.5 किलोमीटर तक तैनात रहेंगे. यह पहले के प्रस्तावों से ज्यादा गहराई वाला नियंत्रण है, जिसे हमास ने पहले ठुकरा दिया था.

20 सूत्रीय योजना में क्या?

अमेरिका की 20 सूत्रीय योजना के तहत लड़ाई तुरंत रोकी जाएगी, 20 जिंदा इजरायली बंधकों और मृतकों के शवों को छोड़ा जाएगा, और इसके बदले सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया जाएगा. इजरायली सेना ने भी बयान जारी कर कहा है कि बंधकों की रिहाई के पहले चरण की तैयारी तेज कर दी गई है.

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कितने लोगों की मौत?

गाजा में हाल के हवाई हमलों में 66 लोगों की मौत हुई है और अब तक 67 हजार से ज्यादा लोग इस युद्ध में मारे जा चुके हैं. गाजा की 90% से अधिक इमारतें तबाह हो चुकी हैं. ऐसे में सोमवार को मिस्र में होने वाली शांति वार्ता को लेकर लोगों में उम्मीदें और आशंकाएं दोनों हैं.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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