India Sri Lanka Bailey Bridges
India Sri Lanka Bailey Bridges: भारत के श्रीलंका में उप उच्चायुक्त मैत्रेय कुलकर्णी ने गुरुवार को श्रीलंका के सहकारी विकास उप मंत्री उपाली समरसिंघे को अतिरिक्त बेली ब्रिज सौंपे. इन पुलों को भारतीय सेना के इंजीनियर श्रीलंका में स्थापित करेंगे. इससे लोगों की आवाजाही फिर से बेहतर होगी और देश के बुनियादी ढांचे के विकास को भी मदद मिलेगी.
श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि 250 मीट्रिक टन से अधिक वजन वाले बेली ब्रिजों की अगली खेप आज उप उच्चायुक्त मैत्रेय कुलकर्णी ने श्रीलंका के सहकारी विकास उप मंत्री उपाली समरसिंघे को सौंपी.
उच्चायोग ने कहा,
भारत के 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज का हिस्सा रहे इन पुलों को भारतीय सेना के इंजीनियर श्रीलंका के विभिन्न हिस्सों में स्थापित करेंगे. इससे संपर्क व्यवस्था बहाल होगी और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा मिलेगा.
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बुधवार को विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अपनी आधिकारिक श्रीलंका यात्रा के दौरान भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति और ‘विजन महासागर’ के तहत श्रीलंका के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई.
इस यात्रा के दौरान विदेश सचिव ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके, प्रधानमंत्री हरिणी अमरसूर्या और विदेश मंत्री विजिता हेराथ से मुलाकात की. उन्होंने श्रीलंका की विदेश सचिव अरुनी रनराजा के साथ भी चर्चा की. इसके अलावा, उन्होंने विपक्ष के नेता सजित प्रेमदासा से मुलाकात की और श्रीलंकाई तमिल तथा भारतीय मूल के तमिल (आईओटी) समुदाय के नेताओं से अलग-अलग बैठकें कीं.
इन बैठकों में दोनों पक्षों ने भारत और श्रीलंका के बीच चल रहे विभिन्न सहयोगी कार्यक्रमों और परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की.
पिछले सप्ताह श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने कहा था कि श्रीलंका में विकास परियोजनाओं के लिए भारत की सहायता 7.5 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुकी है. ये परियोजनाएं श्रीलंका के सभी 25 जिलों में चल रही हैं. उन्होंने यह बात श्रीलंका के श्रम और विदेशी रोजगार मंत्री अनिल जयंथा फर्नांडो के साथ भारत द्वारा समर्थित विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही.
कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर लिखा कि 7.5 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की सहायता, जिसमें 85 करोड़ अमेरिकी डॉलर से ज्यादा की अनुदान राशि शामिल है, के जरिए भारत की जनहित परियोजनाएं श्रीलंका के सभी 25 जिलों तक पहुंची हैं. इन परियोजनाओं ने आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रेलवे, ऊर्जा और आजीविका जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव लाए हैं.
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दिसंबर में भारत ने चक्रवात ‘डिटवाह’ के बाद श्रीलंका के पुनर्निर्माण के लिए 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर के पैकेज की घोषणा की थी. इस पैकेज में सड़क, रेलवे और पुलों की मरम्मत व पुनर्निर्माण, क्षतिग्रस्त और नष्ट हुए घरों का निर्माण, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सहायता, कृषि विकास तथा आपदा प्रबंधन और तैयारी को बेहतर बनाने जैसी पहलें शामिल थीं.
-भारत एक्सप्रेस
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