Iran Israel War Latest Update: मिडल-ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण तनाव के बीच शांति की उम्मीदों को करारा झटका लगा है. दरअसल भारी तनाव के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में मंगलवार को होने वाली दूसरे दौर की ऐतिहासिक शांति वार्ता में शामिल होने से ईरान ने इनकार कर दिया है. बता दें कि ईरान के इस सख्त रुख ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आगबबूला कर दिया है. इस पर ट्रंप ने न केवल ईरान को ‘पूरी तरह तबाह’ करने की चेतावनी दी है बल्कि उसके पुलों और बिजली संयंत्रों को उड़ाने की भी धमकी दी है.
दरअसल ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘इरना’ (IRNA) के अनुसार, तेहरान ने इस बैठक का बहिष्कार करने का फैसला अमेरिका की ‘अवास्तविक अपेक्षाओं’ और ‘विरोधाभासी बयानों’ के कारण लिया है. ईरान का आरोप है कि अमेरिका एक तरफ शांति की बात कर रहा है और दूसरी तरफ होर्मुज जलडमरूमध्य की नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) कर रहा है, जो युद्धविराम का सीधा उल्लंघन है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने ट्रंप पर पलटवार करते हुए कहा कि किसी भी देश को ईरान को उसके परमाणु अधिकारों से वंचित करने का हक नहीं है.
ईरान के इनकार पर राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका एक बहुत ही ‘उचित और निष्पक्ष’ समझौता पेश कर रहा है, लेकिन अगर ईरान इसे स्वीकार नहीं करता, तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी. ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अब नरमी नहीं बरती जाएगी. यदि समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के हर पावर प्लांट और पुल को नष्ट कर दिया जाएगा. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि भारतीय जहाजों पर गोलीबारी कर ईरान ने युद्धविराम का उल्लंघन किया है.
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद गालिबाफ ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह ईरान के नियंत्रण में है. उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब अमेरिकी माइनस्वीपर (समुद्री सुरंग हटाने वाला जहाज) आगे बढ़ रहा था, तो ईरान की धमकी के बाद उसे 15 मिनट के भीतर पीछे हटना पड़ा. वहीं, अमेरिकी सूत्रों का कहना है कि वे समुद्र को सुरक्षित करने के लिए अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे. ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि नाकाबंदी के कारण ईरान को रोजाना 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हो रहा है.
यह भी पढ़ें: इस्लामाबाद बैठक से पहले ईरान के तेवर सख्त! समुद्री घेराबंदी को लेकर झुकाव के मूड में नहीं तेहरान
भले ही ईरान ने आने से मना कर दिया है, लेकिन अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल आज इस्लामाबाद पहुंच रहा है. इस दल का नेतृत्व फिर से उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं, जिसमें ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ भी शामिल हैं. रविवार को ही पांच अमेरिकी जेट इस्लामाबाद पहुंच चुके थे. पाकिस्तान और अन्य मध्यस्थ देश अभी भी पर्दे के पीछे से ईरान को मनाने की कोशिशों में जुटे हैं ताकि संभावित महायुद्ध को टाला जा सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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