इजरायल गाजा अटैक
गाजा पट्टी एक बार फिर खून और राख में डूब गई. इजरायल की वायुसेना ने देर रात गाजा के घनी आबादी वाले इलाकों पर जबरदस्त बमबारी की, जिसमें कम से कम 81 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई. 400 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. मरने वालों में कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस भयावह हमले की पुष्टि की है.
हमले के बाद का मंजर दिल दहला देने वाला था. हर तरफ मलबा और जलते टेंट नजर आए. चारों ओर सिर्फ धूल और लाशें बिखरी पड़ी थीं.
इस इजरायली हमले का निशाना सिर्फ आतंकियों के ठिकाने ही नहीं, बल्कि आम लोग भी थे. अपार्टमेंट, स्कूल, स्टेडियम, यहां तक कि शरणार्थियों के टेंट्स तक बमबारी से नहीं बच सके. हमले के बाद छात्रों, बच्चों और आम लोगों की चारों तरफ लाशें बिखरी पड़ी थी.
गौर करने वाली बात यह है कि ये हमले ऐसे वक्त में हुए हैं जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि आने वाले हफ्ते में युद्धविराम पर सहमति बन सकती है. लेकिन इजरायल की इस कार्रवाई ने शांति की उम्मीदों को गहरा झटका दे दिया है.
इससे पहले शनिवार को गाजा के खान यूनिस और जाबालिया इलाके में मौजूद शरणार्थी शिविर में हुए हमलों में 42 लोग मारे गए थे. जबकि शुक्रवार को इजरायली डिफेंस फोर्सेज के हमले में 28 लोगों की जान गई थी. यानी सिर्फ तीन दिनों में 150 से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है.
उधर, रूस और यूक्रेन की जंग भी अब और भयानक मोड़ ले चुकी है. 27 जून की रात रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया. राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के मुताबिक, रूस ने 477 ईरानी शाहेद ड्रोन और 60 मिसाइलें दागीं. यूक्रेन की सेना ने इनमें से 249 ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया, लेकिन तब तक कई शहरों में तबाही हो चुकी थी.
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रूसी हमलों का निशाना लवीव, पोल्टावा, मिकोलाइव, डीनिप्रो, चर्कासी और स्मिला जैसे शहर थे. यहां की कई रिहायशी इमारतें और सरकारी दफ्तर पूरी तरह मलबे में बदल गए हैं. सोशल मीडिया पर आई तस्वीरें दर्द और तबाही की दास्तान कह रही हैं.
इस हमले में यूक्रेन का एक और एडवांस F-16 लड़ाकू विमान गिरा दिया गया. पायलट माक्सिम उस्टिमेंको की मौत हो गई. जेलेंस्की ने बताया,
“माक्सिम ने एक ही दिन में सात हवाई लक्ष्यों को मार गिराया था. वो हमारे नायक थे.”
जेलेंस्की ने यह भी आरोप लगाया कि रूस जानबूझकर उन जगहों को निशाना बना रहा है जहां लोग जिंदा हैं. रूसी निशाने पर अब अस्पताल, घर और स्कूल हैं.
हालांकि, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि मॉस्को शांति वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन जब तक जमीनी हालात नहीं बदलते, ऐसे बयानों का कोई मतलब नहीं रह जाता.
– भारत एक्सप्रेस
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