8th India-Japan Indo-Pacific Forum 2025: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर 8वें भारत-जापान हिंद-प्रशांत फोरम में शामिल हुए. इस कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान विदेश मंत्री ने भारत और जापान के संबंधों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पिछले दशकों में भारत और जापान के बीच के संबंध और भी गहरे हुए हैं.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “मुझे इस संवाद के नवीनतम संस्करण को एक बार फिर संबोधित करते हुए खुशी हो रही है. दिल्ली पॉलिसी ग्रुप और जापान इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स को मेरी बधाई. हमारी साझेदारी, जो पिछले दशकों में पहले से कहीं अधिक एक-दूसरे पर निर्भर रही है, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक स्थिरता को बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर आर्थिक स्थिरता में योगदान देने का काम करती है. एक स्वतंत्र और खुला हिंद-प्रशांत क्षेत्र बनाए रखना एक मजबूत तुलनात्मक और साथ ही एक जटिल चुनौती भी है.”
इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को नई दिल्ली में अपने इजरायली समकक्ष गिदोन सार के साथ बैठक की. इस बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और गाजा शांति योजना सहित क्षेत्र के विकास पर चर्चा हुई.
इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “आज नई दिल्ली में इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार के साथ एक शानदार बैठक हुई. विभिन्न क्षेत्रों में हमारी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर उपयोगी चर्चा हुई. आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के प्रति हमारी शून्य सहनशीलता की पुष्टि की. क्षेत्र के विकास, गाजा शांति योजना और एक स्थायी समाधान बनाने के प्रयासों पर इजरायली दृष्टिकोण साझा करने के लिए विदेश मंत्री सार की सराहना करता हूं. बहुपक्षीय मंचों पर हमारे सहयोग पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस और इजरायल के विदेश मंत्रालय के बीच प्रशिक्षण पर समझौता ज्ञापन के आदान-प्रदान के साक्षी बने.”
इजरायली विदेश मंत्री सार ने कहा कि उन्होंने और विदेश मंत्री जयशंकर ने द्विपक्षीय संबंधों और आतंकवाद के आपसी खतरे पर चर्चा की. उन्होंने नई दिल्ली में शानदार मेहमान नवाजी के लिए विदेश मंत्री जयशंकर का धन्यवाद किया.
गिदोन सार ने एक्स पर पोस्ट किया, “मैं अपने मित्र भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को नई दिल्ली में उनकी मेहमान नवाजी के लिए धन्यवाद देता हूं. हमने द्विपक्षीय संबंधों और आतंकवाद के आपसी खतरे पर उपयोगी चर्चा की. मैंने जोर देकर कहा कि हमास आतंकवादी राज्य को खत्म करना ट्रंप योजना के केंद्र में है और हम इससे कोई समझौता नहीं करेंगे. इजरायल एक क्षेत्रीय महाशक्ति और एक फलता-फूलता लोकतंत्र है. भारत एक वैश्विक महाशक्ति, दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है. हमारा लक्ष्य हमारे देशों के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी बनाना है. हम इसे पूरा करेंगे.”
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-भारत एक्सप्रेस
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