दुनिया

सियासत के ‘रैप’ पर नाचा नेपाल! बालेन शाह की RSP ने पुराने सूरमाओं को चटाई धूल; ओली और गगन थापा पीछे

Nepal Election 2026: नेपाल में पिछले साल हुए जेन-Z आंदोलन के बाद पहली बार हुए आम चुनाव में वोटों की गिनती जारी है. शुरुआती रुझानों में नेपाल में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. साल 2022 में बनी रैपर और काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) 103 सीटों पर आगे चल रही है, वहीं 1 सीटों पर पार्टी चुनाव जीत चुकी है.

RSP के बाद दूसरे नंबर पर गगन थापा की पार्टी नेपाली कांग्रेस 1 सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं पार्टी 12 सीटों पर आगे चल रही है. चुनाव आयोग के मुताबिक 165 सीटों पर हुए इस चुनाव में 142 सीटों पर मतगणना जारी है.

इस चुनाव में केपी शर्मा ओली की पार्टी को भारी नुकसान हुआ है. ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (CPN) सिर्फ 9 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. पार्टी के मुखिया और नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली खुद झापा-5 सीट पर बालेन शाह से 5000 से ज्यादा वोटों से पीछे चल रहे हैं. केपी शर्मा ओली ने इसी सीट से 2017 और 2022 में आम चुनावों में जीत दर्ज की थी.

जेन-Z आंदोलन के बाद पहली बार चुनाव

पिछले साल सितंबर में हुए जेन-Z आंदोलन के बाद गुरुवार को नेपाल में आम चुनाव हुए. जिसमें लगभग 60 प्रतिशत लोगों ने वोट डाले. आज मतगणना का दिन है. वोटों की गिनती में अनुमान के मुताबिक लगभग 4 दिन लग सकते हैं. नेपाल के चुनाव आयोग के मुताबिक 9 मार्च तक काउंटिंग पूरी हो सकती है.

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक नेपाली कांग्रेस की तरफ से पीएम पद के उम्मीदवार गगन थापा इस समय 1100 वोटों से पीछे चल रहे हैं. वे सरलाही-4 सीट से चुनावी मैदान में हैं. यहां से बालेन शाह की पार्टी RSP के उम्मीदवार अमरेश कुमार सिंह 2,847 वोट पाकर आगे चल रहे हैं. तीसरे नंबर पर नेपाली कम्यूनिस्ट पार्टी के अमनीष कुमार यादव हैं. उन्हें फिलहाल 410 वोट मिले हैं.

नेपाल में कैसे होते हैं चुनाव?

चुनाव आयोग के मुताबिक नेपाल में कुल 275 सीटें हैं. यहां चुनाव एक मिश्रित प्रणाली से होती है. जिसमें प्रत्यक्ष चुनाव और अनुपातिक प्रतिनिधित्व दोनों का इस्तेमाल होता है. नेपाल के संघीय संसद को प्रतिनिधि सभा कहा जाता है.

देश में 165 सीटों पर प्रत्यक्ष चुनाव होते हैं. जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, वह विजेता घोषित किया जाता है.

ये भी पढ़ें- बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन: भारत में क्यों पड़ी जरूरत? सिद्धारमैया सरकार का फैसला

वहीं 110 सीटों पर अनुपातिक प्रतिनिधित्व (PR) के जरिये चुनाव होता है. इसमें राजनीतिक पार्टियां पार्टी लिस्ट देती हैं. पूरे देश में जिस पार्टी को जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं उसी अनुपात में पार्टियों को सीटें मिलती हैं. इस चुनाव की खासबात ये है कि इसमें महिलाओं, दलितों, आदिवासियों, मधेसी समुदायों को प्रतिनिधित्व देना जरूरी होता है.

नेपाल में मतदान का उम्र 18 साल होता है. किसी भी पार्टी को PR में सीट पाने के लिए कम से कम 3 प्रतिशत वैध वोट लाना जरूरी होता है. ये चुनाव चुनाव आयोग नेपाल की देखरेख में होते है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

इमरान खान को देश छोड़ना पड़ेगा या मिलेगी राहत? बॉम्बे हाईकोर्ट में कल होगा बड़ा फैसला

इमरान खान को FRRO द्वारा भारत छोड़ने का नोटिस मिलने के बाद मामला बॉम्बे हाईकोर्ट…

6 hours ago

चीन-पाक सीमा पर किलेबंदी! 2.12 लाख करोड़ रुपये की डिफेंस डील को मंजूरी

Indian Defence Deals: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई DAC बैठक में भारतीय…

6 hours ago

‘जाणता राजा’ का 5वां दिन: गाजियाबाद में गूंजी महाकवि भूषण की पंक्तियां- ‘काशी कर्बला होती मथुरा मदीना होती, शिवाजी न होते तो…’

गाजियाबाद के सनसिटी में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महानाट्य 'जाणता राजा' के…

7 hours ago