Karnataka Social Media Ban: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को विधानसभा में अपना 17वां बजट पेश करते हुए राज्य के बच्चों के लिए एक सुरक्षा कवच की घोषणा की। सरकार ने तय किया है कि 16 वर्ष से कम आयु के बच्चे अब फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन की बढ़ती लत बच्चों के विकास में बाधक बन रही है, जिसे रोकना अनिवार्य है।
भारत में अपनी तरह का यह पहला और सबसे सख्त कानून होगा, जो नाबालिगों को डिजिटल लत और ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए बनाया जा रहा है. यहा इस ऐतिहासिक फैसले और इसके पीछे के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट पढ़ें
क्यों जरूरी हुआ यह प्रतिबंध? (Social Media Ban In India)
- मानसिक सेहत: अत्यधिक सोशल मीडिया उपयोग से बच्चों में तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन के मामले बढ़ रहे हैं
- सीखने की क्षमता में कमी: डिजिटल एडिक्शन के कारण बच्चों की एकाग्रता (Attention Span) कम हो रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है
- सुरक्षा जोखिम: कम उम्र में सोशल मीडिया के इस्तेमाल से बच्चे साइबर बुलिंग, ऑनलाइन फ्रॉड और अनुचित कंटेंट के संपर्क में आने का खतरा बना रहता है
- ड्रग्स के खिलाफ जंग: सीएम ने यह भी कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में ड्रग्स के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए सख्त अनुशासन और काउंसलिंग सेंटर बनाए जाएंगे
बजट में शिक्षा के लिए अन्य बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने ‘उत्तम कालिके, उज्ज्वल भविष्य’ (बेहतर लर्निंग, ब्राइटर फ्यूचर) के नारे के साथ बच्चों के लिए कई अन्य सौगातें भी दी हैं. स्टूडेंट्स का स्ट्रेस कम करने के लिए हर 204 ब्लॉक रिसोर्स सेंटर में एक क्वालिफाइड मेंटल हेल्थ काउंसलर नियुक्त किया जाएगा. अगले वित्तीय वर्ष में स्कूलों और कॉलेजों में टीचरों के 15,000 खाली पद भरे जाएंगे. क्लास 8 से 12 तक के 12.28 लाख छात्रों के लिए AI-आधारित ‘पर्सनलाइज्ड सेल्फ-लर्निंग डिजिटल ट्यूटर’ की सुविधा दी जाएगी. सरकारी स्कूलों में नए कमरे और टॉयलेट बनाने के लिए 640 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है.
आंध्र प्रदेश में भी 13 साल की सीमा तय (Social Media Rules In World)
कर्नाटक के इस कदम के साथ ही आंध्र प्रदेश सरकार ने भी सख्ती दिखाई है. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पाबंदी का ऐलान किया है. आईटी मंत्री नारा लोकेश ने बताया कि सरकार मेटा (Meta), गूगल और एक्स जैसी कंपनियों के साथ मिलकर वैश्विक मॉडल्स का अध्ययन कर रही है ताकि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके.
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दुनिया भर में क्या है स्थिति?
- ऑस्ट्रेलिया- 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन
- फ्रांस- 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य
- अमेरिका- COPPA कानून के तहत 13 साल से कम उम्र के बच्चों का डाटा कलेक्ट करना प्रतिबंधित
- कर्नाटक (भारत)- 16 साल से कम उम्र के लिए पूर्ण प्रतिबंध का प्रस्ताव
कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के ये फैसले भारत में ‘डिजिटल पेरेंटिंग’ और ‘चाइल्ड सेफ्टी’ की दिशा में एक नई बहस छेड़ेंगे. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का यह बजट केवल आर्थिक आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि राज्य की अगली पीढ़ी के चरित्र निर्माण का एक रोडमैप भी है. हालांकि, इसका असर आने वाले समय में ही देखने को मिलेगा.
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