दुनिया

‘हम वादा करते हैं..’, नेपाल चुनाव में भारत-चीन की एंट्री! घोषणा पत्र में नाम दर्ज; क्या हैं सियासी मायने?

India Chine In Nepal Election Manifest0: नेपाल में 5 मार्च को होने वाले आम चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है. नेपाली कांग्रेस (NC), नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी (CPN-UML) और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने अपने-अपने चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिए हैं. इन घोषणा पत्रों में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि सभी प्रमुख सियासी दल अपने दो बड़े पड़ोसियों भारत और चीन के साथ संबंधों को लेकर क्या ‘वादा’ कर रहे हैं.

नेपाल की राजनीति हमेशा से नई दिल्ली और बीजिंग के बीच संतुलन बनाने के इर्द-गिर्द (India China Nepal Relations) घूमती रही है. आइए समझते हैं कि अगली सरकार बनाने का दावा कर रहे ये दल भारत और चीन से असल में क्या चाहते हैं.

नेपाल ‘बफर स्टेट’ नहीं, ‘वाइब्रेंट ब्रिज’ बनेगा (Nepal Election Breaking)

पूर्व मेयर बालेन शाह को अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने वाली नई और चर्चित पार्टी RSP (राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी) की विदेश नीति पर सबकी नजरें थीं. RSP ने अपने घोषणा पत्र में ‘संतुलित और गतिशील कूटनीति’ का वादा किया है. पार्टी का कहना है कि वह नेपाल को भारत और चीन के बीच एक ‘बफर स्टेट’ से निकालकर एक ‘सक्रिय सेतु’ (Vibrant Bridge) बनाएगी.

ये भी पढ़ें: सरकार का सुपर-एक्शन: बांग्लादेश बॉर्डर पर होंगे अमित शाह, 2 दिन, 2 राज्य और कड़े फैसले

भारत से नेपाल को क्या चाहिए?

RSP ने स्पष्ट किया है कि नेपाल को भारत की शानदार प्रगति से सीखना चाहिए. पार्टी ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (UPI आदि), अर्थव्यवस्था के औपचारिकीकरण और औद्योगिक-सेवा क्षेत्र के समन्वय का जिक्र करते हुए इसका लाभ उठाने का वादा किया है.

चीन से नेपाल क्या चाहिए?

चीन को लेकर पार्टी ने रियायती वित्तपोषण (Concessional Financing) के जरिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण और राज्य-निर्देशित विकास योजना के मॉडल को अपनाने पर जोर दिया है.

सैन्य गुटबाजी से दूरी का वादा

नेपाल की सबसे पुरानी और पारंपरिक पार्टी नेपाली कांग्रेस ने अपनी चिर-परिचित विदेश नीति को ही दोहराया है. NC ने वादा किया है कि उसके नेतृत्व में नेपाल किसी भी रक्षा, सैन्य या सुरक्षा संघर्ष का हिस्सा नहीं बनेगा. पार्टी ने महाशक्तियों के बीच बढ़ती रणनीतिक होड़ (भारत-चीन या अमेरिका-चीन) से दूर रहते हुए, पारस्परिक सम्मान और आर्थिक लाभ के आधार पर समानता की नीति अपनाने की बात कही है.

ये भी पढ़ें: क्यों सुलग रहा है साउथ? आग लगी..चले पत्थर..; शिवाजी जयंती पर जबलपुर के बाद कर्नाटक-हैदराबाद में तनाव

‘सबसे मित्रता, किसी से शत्रुता नहीं’

कम्युनिस्ट पार्टी (UML) ने भी अपने पुराने रुख पर कायम रहते हुए घोषणा पत्र में स्पष्ट किया है कि नेपाल किसी भी पड़ोसी देश (भारत या चीन) के प्रति कोई दुर्भावना नहीं रखेगा. पार्टी ने वादा किया है कि वह ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाएगी, जिससे उसके पड़ोसियों के भू-राजनीतिक या रणनीतिक हितों को कोई नुकसान पहुंचे. कुल मिलाकर, नेपाल के इस चुनाव में क्षेत्रीय संतुलन और भारत-चीन के साथ ‘इकोनॉमिक पार्टनरशिप’ सबसे बड़े चुनावी वादों के रूप में सामने आए हैं.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

49.6 करोड़ लोग हुए गरीबी रेखा से बाहर, विश्व बैंक की रिपोर्ट में भारत की बदली तस्वीर

World Bank Report: विश्व बैंक की अक्टूबर 2026 रिपोर्ट के अनुसार, 2011 से 2023 के…

21 minutes ago

त्रिपुरा में BSF जवानों पर हमले के बाद प्रशासन सख्त, घर-घर जाकर मांगे जा रहे जमीन और नागरिकता के दस्तावेज

त्रिपुरा में BSF जवानों पर हुए जानलेवा हमले के बाद प्रशासन सख्त नजर आ रहा…

51 minutes ago

अमीरी और अशांति के बीच फंसा बलोचिस्तान, जानिए पाकिस्तान के इस सबसे बड़े सूबे की कहानी

बलोचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, जो प्राकृतिक संसाधनों, विशाल पहाड़ों और रणनीतिक रूप…

1 hour ago

कोहली का धमाका, गेंदबाजों का कमाल; न्यूजीलैंड पर भारत की आसान जीत

भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में 5 विकेट से शानदार जीत दर्ज की.…

1 hour ago

ईरान में सत्ता बदलने निकले थे ट्रंप-नेतन्याहू, अब अपनी ही कुर्सी बचाने की चुनौती!

ईरान में सत्ता बदलने की ट्रंप और नेतन्याहू की कोशिश क्यों नाकाम हुई? खामेनेई के…

2 hours ago

राहुल गांधी बारूद खत्म..! सीएम योगी आदित्यनाथ किस से कहा अखिलेश बबुआ को समझाओ?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा को…

2 hours ago