Balochistan Crisis: बलूचिस्तान में पाकिस्तान ने जुल्म की इंतहा कर दी है. आए दिन लोगों को जबरन गायब के मामले सामने आ रहे हैं. गायब हो रहे लोगों में महिलाएं और नाबालिग बच्चे तक शामिल हैं.
मानवाधिकार समूह बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने बताया कि 2025 में 1,200 से ज्यादा लोगों को जबरदस्ती गायब किया गया और लगभग 200 एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल हत्याएं दर्ज की गईं. स्थानीय मीडिया ने सोमवार को यह रिपोर्ट दी. इससे पहले भी कई मानवाधिकार संगठनों ने बलूचिस्तान की स्थिति पर सवाल उठाए हैं.
द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बीवाईसी के प्रतिनिधियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 2025 में रिपोर्ट किए गए जबरन गायब किए जाने और अतिरिक्त न्यायेतर हत्या के मामले तो बस कुछ आंकड़े हैं. हालांकि, ये आंकड़े यह दिखाने के लिए काफी थे कि बलूचिस्तान में मानवाधिकार की स्थिति तेजी से बिगड़ रही है.
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में जबरन गायब होने के 1,223 मामले रिपोर्ट किए गए. इनमें से 348 लोगों को छोड़ दिया गया है, जबकि 832 अभी भी लापता हैं. लापता लोगों में 75 नाबालिग और 18 महिलाएं शामिल हैं.
सबसे ज्यादा मामले केच जिले में 339 दर्ज किए गए. बीवाईसी ने आरोप लगाया कि 2025 में 188 एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल किलिंग के मामले रिपोर्ट किए गए, जबकि 75 लोगों को राज्य की लंबे समय से चली आ रही किल एंड डंप नीति के तहत मार दिया गया. इसमें मकरान डिवीजन और अवारन जिले सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके थे.
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में बलूचिस्तान में मिलिट्री ऑपरेशन किए गए, और खुजदार के जेहरी में किए गए हवाई हमलों में 200 लोगों के मारे जाने का जिक्र किया गया.
द बलूचिस्तान पोस्ट ने बीवाईसी के हवाले से बताया कि 2025 में लोगों को जबरदस्ती गायब करने के खिलाफ 122 से ज्यादा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हुए. मानवाधिकार संगठन ने आरोप लगाया कि कानून लागू करने वाले लोगों ने कम से कम 39 प्रदर्शनकारियों को जबरदस्ती तितर-बितर कर दिया, जबकि 400 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया और कई दूसरे घायल हो गए.
इसने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में कानूनी सिस्टम का इस्तेमाल मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और सिविल सोसायटी के खिलाफ हथियार की तरह किया जा रहा है. केंद्रीय आयोजक महरंग बलूच समेत बीवाईसी के पांच नेता अभी जेल में हैं, जबकि दूसरे कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है.
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पिछले हफ्ते, एक बड़े मानवाधिकार संगठन ने प्रांत में आम लोगों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना द्वारा एक नाबालिग को कथित तौर पर जबरदस्ती गायब करने की निंदा की.
पांक बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग ने बताया कि 13 जनवरी की रात को पाकिस्तानी सेना की एक बड़ी टुकड़ी ने प्रांत के केच जिले के बुलेदा तहसील के रहने वाले लाल जान के घर पर छापा मारा और उनके नाबालिग बेटे, तालिब हुसैन को जबरदस्ती हिरासत में ले लिया.
-भारत एक्सप्रेस
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