दुनिया

क्या सच में ‘अमर’ हो जाएंगे रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin? जानिए- मौत को हराने के कितने करीब है मेड‍िकल साइंस

बीजिंग में हाल ही में आयोजित एक विजय परेड के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन के बीच अमरत्व और लंबी उम्र को लेकर बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इस ‘हॉट-माइक’ वार्ता में पुतिन ने ऑर्गन ट्रांसप्लांट और बायोटेक्नोलॉजी की मदद से 150 साल तक जीने की कल्पना का जिक्र किया. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल इंसान को असली मायने में अमर बनाना वैज्ञानिक दृष्टि से असंभव है. लेकिन मेडिकल साइंस ने इतने कदम जरूर बढ़ा दिए हैं कि अंग प्रत्यारोपण (Organ Transplant) के माध्यम से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों का जीवन कई सालों तक बढ़ाया जा सकता है.

उदाहरण के लिए, किडनी ट्रांसप्लांट से डायलिसिस पर रहने वाले मरीजों की जीवन प्रत्याशा और जीवन गुणवत्ता में सुधार देखा गया है. हार्ट, लिवर, लंग और पैंक्रियास ट्रांसप्लांट भी मरीजों के जीवन को सुरक्षित और बेहतर बना सकते हैं.

AIIMS के प्रोफेसर और ऑर्गन ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट डॉ. सुब्रत बासु के अनुसार, ट्रांसप्लांट का मुख्य लाभ बीमारी के कारण घटती उम्र को बढ़ाना है. इसका सीधा मतलब यह है कि यह असली अमरत्व नहीं बल्कि रोग से होने वाली मृत्युदर को कम करने में मदद करता है.

भविष्य के प्रयोगात्मक विकल्प

वर्तमान में वैज्ञानिकों ने जीन-इंजीनियरिंग और बायो-प्रिंटेड अंगों के क्षेत्र में काफी प्रगति की है. जीन-मॉडिफाइड अंगों और अन्य बायोटेक्नोलॉजी तकनीकों से कुछ प्रयोगात्मक सफलता मिली है, लेकिन ये अभी भी नैतिक और व्यावहारिक सीमाओं में हैं. अंगों को बार-बार बदलकर उम्र बढ़ने को रोकने या रिवर्स करने की योजना फिलहाल वैज्ञानिक रूप से व्यवहारिक नहीं मानी जाती, क्योंकि शरीर के अन्य अंग और प्रणाली भी उम्र के प्रभाव से प्रभावित होते हैं. अमेरिका के ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. जेम्स मार्कमैन का कहना है कि ऑर्गन ट्रांसप्लांट जीवन को बचाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन यह अमरत्व प्रदान करने में सक्षम नहीं हैं.

इस प्रकार, पुतिन और शी जिनपिंग की अमरत्व पर चर्चा फिलहाल कल्पना के स्तर की ही है. मेडिकल साइंस ने अंगों और जीनोमिक तकनीक में काफी प्रगति की है, लेकिन हर व्यक्ति को अमर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर ट्रांसप्लांट करना अभी वैज्ञानिक और नैतिक दृष्टि से संभव नहीं है.

ये भी पढ़ें: ड्रग्स पर ट्रंप की बड़ी रिपोर्ट में भारत का नाम, ट्रंप का चीन पर बड़ा आरोप, जारी सूची 23 देशों के नाम

भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

Recent Posts

जब पीएम मोदी ने स्विस राष्ट्रपति को दिया ‘देसी चीज़’ और कश्मीरी कला का अनूठा तोहफा, जानिए क्या है खास?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन को भारत की समृद्ध विरासत और…

1 minute ago

क्या CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हुआ लाठीचार्ज?

सोशल मीडिया पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के नाम से एक…

1 minute ago

प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने पर भाजपा का मेगा शो, आईजीआई स्टेडियम में होगा भव्य कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी…

12 minutes ago

दिल्ली में आवारा कुत्तों से राहत की तैयारी! दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- जनता को करेंगे जागरूक, यह एक आंदोलन बनेगा

दिल्ली हाई कोर्ट ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण की प्रक्रिया तेज करने के…

30 minutes ago

प्रेस की आजादी का आर्थिक मॉडल, रामनाथ गोयनका ने बिना विज्ञापन झुकाए कैसे बचाई मीडिया की साख?

रामनाथ गोयनका भारतीय पत्रकारिता के उन चुनिंदा नामों में हैं, जिन्होंने प्रेस की आजादी को…

38 minutes ago

बिहार MLC चुनाव: नीरज कुमार के नामांकन पर एनडीए का भरोसा, उपेंद्र कुशवाहा ने कहा- जीत हमारी होगी

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार नीरज कुमार ने अपना नामांकन…

51 minutes ago