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क्या है 30-30-30 का डेडली कॉम्बिनेशन? जिसने स्पेन में भड़काई इतिहास की सबसे भयंकर आग

Spain Wildfires National Emergency: भीषण गर्मी के बाद अब यूरोप आग की चपेट में आ चुका है. फ्रांस से लेकर जर्मनी तक के जंगलों में भयंकर आग लगी हुई है. दूसरी तरफ स्पेन हाल के सालों में सबसे विनाशकारी आग का सामना कर रहा है. यहां के मैड्रिड क्षेत्र और पड़ोसी अवीला प्रांत में भीषण आग तेजी से फैल रही है, जिसके चलते हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. प्रशासन द्वारा लोगों को घरों के अंदर ही रहने के निर्देश दिए गए हैं.

इन आग की घटनाओं ने स्पेन में हजारों हेक्टेयर क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है.

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, शनिवार को भी मध्य स्पेन के कई हिस्सों में आग धधकती रही. अधिकारियों ने चेतावनी दी कि रात के समय तापमान में गिरावट के बावजूद तेज हवाएं और कम नमी दमकल कर्मियों के लिए आग पर काबू पाना मुश्किल बना रही हैं.

मैड्रिड की क्षेत्रीय राष्ट्रपति इसाबेल डियाज आयुसो ने इसे क्षेत्र के इतिहास की सबसे भीषण आग बताया. ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मैड्रिड क्षेत्र, अवीला प्रांत और टोलेडो के कुछ हिस्सों में करीब 91,000 लोगों को या तो सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है या घरों के अंदर रहने का आदेश दिया गया है.

काबू में नहीं आ रही आग

आग ने मैड्रिड और अवीला के पड़ोसी प्रांतों में लगभग 45,000 हेक्टेयर भूमि को नष्ट या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया है.

स्पेन के गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का ने शनिवार को बताया कि स्थिति बेहद जटिल है. बहुत ही कठिन मौसम के चलते दमकल विभाग आग पर काबू नहीं पा रहा.

मैड्रिड और अवीला में लगी आग इस गर्मी में पूरे स्पेन में फैल रही भीषण जंगल की आग की व्यापक शृंखला का हिस्सा है. इससे पहले अल्मेरिया में लगी घातक आग में इस महीने 13 लोगों की जान चली गई थी, जबकि अब पूर्वी प्रांत कास्टेलोन में भी बड़े पैमाने पर जंगल की आग भड़क रही है.

स्पेन में अबतक 1.30 लाख हेक्टेयर जंगल खाक

यूरोपीय वन अग्नि सूचना प्रणाली के अनुसार, इस वर्ष की शुरुआत से अब तक स्पेन में करीब 1.30 लाख हेक्टेयर भूमि जंगल की आग की चपेट में आ चुकी है.

प्रभावित इलाकों में हजारों दमकलकर्मी, सैनिक, पुलिसकर्मी और नागरिक सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. मिलिट्री इमरजेंसी यूनिट स्थानीय समुदायों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय दमकल टीमों की सहायता में अहम भूमिका निभा रही है.

स्पेन ने यूरोपीय संघ के सिविल प्रोटेक्शन मैकेनिज्म को भी सक्रिय कर दिया है. इसके तहत ग्रीस और इटली ने दो-दो कनाडेयर अग्निशमन विमान और एक-एक अतिरिक्त सहायता विमान उपलब्ध कराने की पेशकश की है. शनिवार को इटली के अग्निशमन विमान मैड्रिड और अवीला में आग बुझाने के अभियान में शामिल हो चुके थे.

स्पेन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहायता मिल रही है. ग्रीस के 33 और इटली के 14 आपातकालीन कर्मियों को स्पेन की आपातकालीन सेवाओं, सेना और सुरक्षा बलों की मदद के लिए तैनात किया गया है.

खराब मौसम की वजह से तेजी से फैल रही आग

वहीं, पुर्तगाल ने आग बुझाने के अभियान को मजबूत करने के लिए 129 दमकलकर्मी और आपातकालीन कर्मियों के साथ 41 वाहन भेजे हैं. इनमें फायर इंजन, कमांड वाहन, बुलडोजर और एंबुलेंस शामिल हैं. अधिकारियों के अनुसार, जंगल की आग के तेजी से फैलने की मुख्य वजह अत्यधिक प्रतिकूल मौसम रहा है.

स्पेन की राज्य मौसम विज्ञान एजेंसी के मैड्रिड प्रतिनिधि जावियर आर्मेटेरोस ने बताया कि आग ऐसी परिस्थितियों में फैली, जिसे दमकलकर्मी आमतौर पर “30-30-30 नियम” कहते हैं. इसका मतलब है कि तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक, सापेक्षिक आर्द्रता 30 प्रतिशत से कम और हवा की रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक हो.

तापमान 30 डिग्री से ऊपर पहुंचा

आर्मेटेरोस के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया, सापेक्षिक आर्द्रता 30 प्रतिशत से नीचे चली गई और हवा के झोंकों की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जिससे आग पर काबू पाना और अधिक कठिन हो गया.

भीषण आग ने फायरफाइटर्स को भी अपनी टैक्टिक्स बदलने पर मजबूर कर दिया है. मैड्रिड में फॉरेस्ट रेंजर्स कॉर्प्स के स्पोक्सपर्सन जोस मारिया बरमूडेज ने कहा कि इमरजेंसी क्रू ऊपरी जगह से आग रोकने की कोशिश नहीं कर सकते. ऐसा करना सीधे मौत की तरफ जाना होगा. इसके बजाय, जब भी हालात ठीक रहे, उन्होंने आबादी वाले इलाकों और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बचाने पर फोकस किया है.

हीटवेव और तेज हवाओं ने भड़काई आग

मैड्रिड फायरफाइटर्स यूनियन के प्रवक्ता इजरायल नवेसो ने कहा कि मौजूदा इमरजेंसी कई वजहों से हुई है, जिसमें गीली सर्दियों के बाद बहुत ज़्यादा पेड़-पौधे, छह हफ्तों में तीन हीटवेव और तेज हवाएं शामिल हैं. इन सबने मिलकर तेजी से फैलने वाली जंगल की आग के लिए सही हालात बनाए.

ये भी पढ़ें- जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर लगे केस खत्म हो जाएंगे या लटक जाएंगे? क्या कहता है कानून?

जंगल में आग का खतरा जल्द कम होने की उम्मीद नहीं है. मौसम विभाग के अधिकारियों के जंगल में आग लगने के खतरे के आकलन के अनुसार, पूर्वी, दक्षिणी और मध्य स्पेन के बड़े हिस्सों में जंगल में आग लगने का खतरा बहुत ज्यादा है. इससे पता चलता है कि मौसम की स्थिति देश के ज्यादातर हिस्सों में आग लगने और तेजी से फैलने के लिए बनी हुई है.

(आईएएनएस के रिपोर्ट पर आधारित)

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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