US-Iran deal
US-Iran deal: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक अहम और बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच समझौते की कोशिशें जारी हैं और बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है.
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत ठीक तरह से चल रही है. उनका मानना है कि यह बातचीत या तो बहुत बड़ा और सफल समझौता बन सकती है, जो सभी के लिए फायदेमंद होगा, या फिर अगर समझौता नहीं हुआ तो हालात बिगड़ सकते हैं. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर डील नहीं बनती है, तो दुनिया में तनाव बढ़ सकता है और हालात युद्ध जैसे बन सकते हैं. इससे पहले से कहीं ज्यादा हिंसा और गोलीबारी की स्थिति पैदा हो सकती है, जिसे कोई भी नहीं चाहता.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि, “यह या तो सभी के लिए बेहद बड़ी डील साबित होगी, या फिर कोई समझौता नहीं होगा. ऐसी स्थिति में दुनिया फिर युद्ध के मैदान में लौट जाएगी. पहले से कहीं बड़े पैमाने पर गोलीबारी शुरू हो सकती है, जिसे कोई भी नहीं चाहता.” इसी के साथ ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान के साथ समझौता करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे और शांति बनी रहे.
इस घटनाक्रम के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कई मुस्लिम देशों के शीर्ष नेताओं से बातचीत की. उन्होंने बताया कि ईरान के साथ संभावित समझौते और मध्य पूर्व में शांति बनाए रखने को लेकर लगातार संपर्क और चर्चा जारी है. इस बातचीत में सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्की, बहरीन, यूएई, कतर, मिस्र और जॉर्डन जैसे देशों के प्रमुख नेता शामिल रहे. ट्रंप ने इन देशों के साथ क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग को लेकर विचार साझा किए.
बातचीत में शामिल प्रमुख नेताओं में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायेद, कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय और बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा शामिल थे. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इन सभी नेताओं से क्षेत्र में शांति और सहयोग को मजबूत करने की अपील की है, ताकि किसी भी तरह के तनाव या टकराव से बचा जा सके.
ये भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट संकट पर संसद की हाई-लेवल मीटिंग, अधिकारियों ने कहा- देश के पास है 78 दिनों से ज्यादा का ऊर्जा भंडार
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अब समय आ गया है कि सभी देश अब्राहम समझौतों पर हस्ताक्षर करें. उन्होंने बताया कि अमेरिका लंबे समय से इस जटिल स्थिति को सुलझाने की कोशिश कर रहा है और ऐसे में जरूरी है कि क्षेत्र के सभी देश मिलकर इस समझौते से जुड़ें. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन पहले ही इस समझौते का हिस्सा बन चुके हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया, “हो सकता है कि एक या दो देशों के पास ऐसा न करने का कोई कारण हो, और उसे स्वीकार कर लिया जाएगा, लेकिन ज्यादातर देशों को ईरान के साथ इस समझौते को, अन्यथा की तुलना में, कहीं ज्यादा ऐतिहासिक घटना बनाने के लिए तैयार, इच्छुक और सक्षम होना चाहिए.” डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अब्राहम समझौते से जुड़े देशों को आर्थिक, वित्तीय और सामाजिक स्तर पर काफी लाभ मिला है. उन्होंने कहा कि इन देशों में युद्ध जैसी परिस्थितियां होने के बावजूद किसी ने भी इस समझौते से बाहर निकलने पर विचार नहीं किया. उन्होंने इसे सभी के लिए एक सफल पहल बताते हुए कहा, “अब्राहम समझौते सभी के लिए बहुत अच्छे रहे हैं.”
ट्रंप ने आगे इसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली समझौतों में से एक बताया. उन्होंने सुझाव दिया कि सऊदी अरब और कतर को तुरंत इस समझौते पर हस्ताक्षर करने चाहिए और बाकी देशों को भी उनके कदमों का अनुसरण करना चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह ईरान को भी इस समझौते का हिस्सा बनाने के पक्ष में हैं.
-भारत एक्सप्रेस
UP Anganwadi Salary: नवरात्र पर सीएम योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तोहफा देते हुए मानदेय…
Russia Ukraine War: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि कुछ समय के लिए…
पापांकुशा एकादशी 2026 की तारीख को लेकर असमंजस है कि व्रत 21 अक्टूबर को रखा…
CBSE Board Exam 2027: CBSE बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षा 2027 के लिए बिना लेट फीस LOC…
दशहरा 2026 की तारीख को लेकर असमंजस है, क्योंकि आश्विन शुक्ल दशमी तिथि 20 और…
PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोमवार को मां सिद्धिदात्री को नमन करते…