न्यूयॉर्क शहर के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) ने शुक्रवार (21 नवंबर) को अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के साथ व्हाइट हाउस में पहली बार मुलाकात की है. इस मुलाकात पर दुनिया भर की नजर थी क्योंकि दोनों नेता अपने अलग राजनीतिक विचारधाराओं से आते हैं. साथ ही जोहरान नें अपने चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप की खूब आलोचना की थी. जिसके कारण अब यह मीटिंग काफी चर्चा में आ गई है.
इस मीटिंग के बाद हुआ प्रेस कॉन्फेंस का एक पल काफी वायरल हो रहा है. प्रेस कॉन्फेंस के दौरान एक रिपोर्टर ने जोहरान ममदानी से पूछा कि क्या वह अभी भी ट्रंप को “फासीवादी” मानते हैं. ममदानी जवाब देने लगे, लेकिन ट्रंप ने बीच में ही बोलते हुए कहा “ठीक है, आप बस ‘हां’ कह सकते हैं, समझाने से आसान है.” उसके बाद से यह मोमेंट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है.
उसके बाद एक और रिपोर्टर ने ट्रंप से सवाल किया कि आपकी पार्टी की नेता एलिस स्टेफनिक ममदानी के ‘जिहादी’ होने का दावा करती है. डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट रूप से जवाब दिया कि नहीं मैं ऐसा नहीं समझता, “मैंने ऐसे आदमी से मुलाकात की है जो बहुत तर्कशील है.”
ममदानी के साथ वाइट हाउस में हुई इस पहली मीटिंग को ट्रंप ने “बहुत अच्छा और बेहद प्रोडक्टिव” बताया. उन्होंने ममदानी की जमकर तारीख की. ममदानी के बगल में खड़े होकर ट्रंप ने कहा, “वह जितना बेहतर करेंगे, मैं उतना ही खुश होऊंगा. हम में एक बात कॉमन है, हम चाहते हैं कि हमारा यह शहर, जिसे हम प्यार करते हैं, बहुत अच्छा करे.”
दूसरी तरफ किराया, महंगाई और आवास जैसे मुद्दों की राजनीति करने वाले ममदानी ने भी इस बैठक को पॉजिटिव बताया. उन्होंने कहा, “हमने किराए, खाने-पीने के खर्च, बिजली-पानी के बिल और उन मुद्दों पर बात की, जिनसे लोग शहर से बाहर धकेले जा रहे हैं. हमने उन अलग-अलग तरीकों के बारे में बात की जिनसे लोगों को बाहर निकाला जा रहा है.” उन्होंने आगे कहा कि वे ट्रंप प्रशासन के साथ मिलकर न्यूयॉर्क के 85 लाख लोगों के लिए चीजें सस्ती बनाने की कोशिश करेंगे.
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इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने न्यूयॉर्क शहर के महंगाई, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सार्वजनिक सुरक्षा और रहवास जैसी चुनौतियों पर सहयोग करने की इच्छा जताई. ममदानी ने कहा कि इस मुलाकात का फोकस उनके मतभेदों पर नहीं, बल्कि न्यूयॉर्क के लोगों की भलाई पर था. कुल मिलाकर, यह मुलाकात विचारधारात्मक टकराव को पलभर के लिए पीछे छोड़कर सहयोग और बातचीत की दिशा में कदम दिखाती है.
-भारत एक्सप्रेस
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