US Denies Cruise Missile To Pakistan: अमेरिकी वॉर मेमोरियल ने उन सभी अटकलों पर पूर्ण विराम लगा दिया है, जिसमें ये कहा जा रहा था कि अमेरिका पाकिस्तान को हथियार सप्लाई करने वाला है. अमेरिकी वॉर मेमोरियल की तरफ से इन सभी दावों को खारिज करते हुए इस बात से साफ इनकार कर दिया है कि अमेरिका पाकिस्तान को हथियार सप्लाई करने वाला है. इसे लेकर पूर्व भारतीय राजनयिक केपी फैबियन ने महत्वपूर्ण जानकारी दी.
पूर्व भारतीय राजनयिक केपी फैबियन ने कहा, “मैंने अमेरिका की ओर से जारी किया गया स्पष्टीकरण देखा है. वे यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि अमेरिका पाकिस्तान को क्रूज मिसाइल सप्लाई नहीं कर रहा है. वे हमें यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने उन्हें और कोई भी अपग्रेडेड क्रूज मिसाइलें नहीं दी हैं. लेकिन मैंने कहा कि यह स्पष्टीकरण इस मामले को संबोधित करता है.”
वहीं अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मुत्ताकी पहली बार भारत दौरे पर पहुंचे हैं. इसे लेकर उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह भारत और अफगानिस्तान दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, और यह अगस्त 2021 में तालिबान के सत्ता में आने पर विशेष रूप से साफ हो गया. जैसा कि आप जानते हैं, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने तालिबान को मान्यता नहीं देने या अफगानिस्तान में सत्ता पर उनकी पकड़ को स्वीकार नहीं करने का फैसला किया. मेरे विचार से, यह एक बड़ी गलती थी, क्योंकि वहां की सत्ता में बैठे लोगों के साथ बातचीत करनी चाहिए थी.”
बता दें, अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी 9 से 16 अक्टूबर तक भारत यात्रा पर हैं. इस दौरान उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात भी की. दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में यह ऐलान किया गया कि काबूल में फिर से भारतीय दूतावास खोला जाएगा.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी की भारत यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और दोनों देशों के बीच स्थायी मित्रता की पुष्टि करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
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एस जयशंकर ने कहा,
भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. हमारे बीच घनिष्ठ सहयोग आपके राष्ट्रीय विकास के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता और लचीलेपन में भी योगदान देता है. इसे और मजबूत करने के लिए, मुझे आज काबुल स्थित भारत के तकनीकी मिशन को भारतीय दूतावास का दर्जा देने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है.
उन्होंने आगे कहा कि भारत अफगान अस्पतालों को एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें भी प्रदान करेगा और टीकाकरण और कैंसर की दवाइयां भी पहुंचाएगा. हमने यूएनओडीसी के माध्यम से दवा पुनर्वास सामग्री भी प्रदान की है और आगे भी करने के लिए तैयार हैं. पिछले महीने आपदा के कुछ ही घंटों के भीतर, भारतीय राहत सामग्री भूकंप प्रभावित जगहों पर पहुंचा दी गई थी. हम प्रभावित क्षेत्रों में आवासों के पुनर्निर्माण में योगदान देना चाहेंगे. भारत अफगानी लोगों को खाद्य सहायता प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण रहा है. आज काबुल में एक और खेप पहुंचाई जाएगी.
-भारत एक्सप्रेस
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