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क्या है ‘खात’ जो हुतियों को बनाती है इतना खतरनाक? फूले गाल का राज खुला

What is Khat chewing Houthi: हाथ में घातक एके-47 राइफल, कंधे पर रॉकेट लॉन्चर और चेहरे पर एक तरफ गुब्बारे की तरह फूला हुआ गाल.. यमन के हूती लड़ाकों की लगभग हर तस्वीर और वीडियो में यह अजीबोगरीब हुलिया साफ नजर आता है. लाल सागर के रणनीतिक समुद्री रास्तों से लेकर सऊदी अरब की सीमाओं तक तबाही मचाने वाले इन लड़ाकों के मुंह का यह उभार कोई जन्मजात बनावट या बीमारी नहीं है. यह राज है ‘खात’ (Khat या Qat) का, जो इन दिनों दुनिया में चर्चा का विषय बना है.

एक ऐसा नशीला हरा पत्ता, जिसने हूती विद्रोहियों को जंग के मैदान में खूंखार बना रखा है और पूरे यमन को बर्बादी की कगार पर ला खड़ा किया है. दावा किया जा रहा है कि इसी नशे के दमपर यह इतने खतरनाक हो रहे हैं.

हूतियों के फूले गाल के पीछे क्या है?

हूती लड़ाकों के गाल में जो चीज हर वक्त दबी रहती है, वह Catha Edulis नामक झाड़ी की ताजी पत्तियां हैं, जिसे स्थानीय भाषा में ‘खात’ या ‘क्यूएट’ कहा जाता है. लड़ाके इन पत्तियों का एक बड़ा गोला (Wad) बनाकर मुंह में एक तरफ गाल और दांतों के बीच दबा लेते हैं.

खात को तेजी से चबाने के बजाय घंटों तक मुंह में रखकर चूसा जाता है. पत्तियों का रस लार में घुलकर धीरे-धीरे खून में मिलता रहता है. गाल में दबे होने के कारण बाहर से देखने पर उनका एक गाल गुब्बारे की तरह फूला हुआ दिखाई देता है.

खात हूतियों को बेखौफ कैसे बनाता है? (Khat drug effects Houthi on brain)

खात की कोमल पत्तियों में ‘कैथिनोन’ (Cathinone) नामक एक प्राकृतिक रासायनिक यौगिक पाया जाता है, जिसका सीधा असर सिंथेटिक ड्रग ‘एम्फेटामाइन’ (Amphetamine) जैसा होता है. युद्ध के मोर्चे पर यह पत्ता हूतियों के लिए किसी घातक टॉनिक की तरह काम करता है.

भूख-प्यास और थकान का खात्मा: खात चबाने से भूख और प्यास पूरी तरह दब जाती है. हूती लड़ाके बिना खाना खाए घंटों और कई दिनों तक बीहड़ पहाड़ों और मोर्चों पर डटे रहते हैं.

दिमागी सतर्कता और आक्रामकता: यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करता है, जिससे लड़ाकों को भारी ऊर्जा, हाई-अलर्टनेस और अति-उत्साह का अहसास होता है.

नींद की जरूरत नहीं: युद्ध के दौरान लगातार कई रातों तक जागते रहने और पहरा देने के लिए विद्रोही इसका जमकर इस्तेमाल करते हैं. दर्द और डर का अहसास सुन्न होने की वजह से वे जंग में बेहद बेखौफ होकर लड़ते हैं.

यहां तक कि जब वर्ष 2025 में हूती सैन्य प्रमुख मोहम्मद अल-घमारी पर कथित हमले की खबरें आई थीं, तब इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि वह भी एक खास ‘खात चबाने वाली बैठक’ (Khat Session) में ही मौजूद थे.

90% आबादी पर खतरनाक गिरफ्त (Houthi rebels Khat addiction)

यमन में खात केवल मोर्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक गहरी सामाजिक लत बन चुका है. यमन के 90% से अधिक वयस्क पुरुष और लगभग 25% महिलाएं इस लत की शिकार हैं. दोपहर 4 बजते ही राजधानी सना की सड़कों पर सन्नाटा छाने लगता है और लोग समूह बनाकर खात चबाने में डूब जाते हैं.

अजीबोगरीब सामाजिक मान्यता

शराब पर पाबंदी के कारण यमन में इसे ‘मुसलमानों की बीयर या शराब’ जैसा दर्जा मिला हुआ है. स्थानीय बाजारों में मान्यता है कि इसे चबाने के बाद भी नमाज पढ़ी जा सकती है, जिससे इसे सामाजिक स्वीकार्यता मिल गई. कम दिहाड़ी मजदूर बिना खाने के भारी वजन उठाने के लिए इसका सहारा लेते हैं, जबकि छात्र परीक्षाओं के दौरान देर रात तक पढ़ने के लिए इसे चबाते हैं. स्थानीय लोग इसे ऊर्जा और पौरुष क्षमता बढ़ाने वाला भी मानते हैं.

यमन को खोखला कर रहा है हरा पत्ता

जंग के हथियार बने इस नशे ने यमन के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा कर दिया है. खात की खेती के लिए अथाह पानी की जरूरत होती है. पहले से सूखे और जल संकट से जूझ रहे यमन का बहुमूल्य भूजल खात के खेतों में बहाया जा रहा है, जिससे पीने के पानी का अकाल पड़ गया है. किसानों ने खाद्यान्न और जरूरी फसलों को छोड़कर ज्यादा मुनाफे वाली खात की खेती शुरू कर दी है, जिससे देश भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है. लंबे समय तक खात के सेवन से मुंह के कैंसर, मसूड़ों की सड़न, दांतों के झड़ने, दिल की बीमारियों, अनिद्रा और गंभीर मानसिक अवसाद की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं.

हरे पत्ते के दम पर जंग (Why do Houthis chew Khat drug)

यमन में हर गली-नुक्कड़ पर बिकने वाला यह खात सऊदी अरब समेत कई पड़ोसी देशों में पूरी तरह प्रतिबंधित और गैर-कानूनी है. हूती लड़ाके भले ही इस हरे पत्ते के दम पर जंग में आक्रामकता दिखा रहे हों, लेकिन सच यह है कि इस जानलेवा लत ने पूरे देश के भविष्य को अंदर से खोखला कर दिया है.


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हूती विद्रोहियों को लेकर पूछे जाने वाले सवाल

  • Q1: यमन के हूती विद्रोहियों और पुरुषों के गाल हमेशा एक तरफ से क्यों फूले रहते हैं?
  • उत्तर: वे मुंह में ‘खत’ (Qat) नाम की हरी पत्तियों का गोला दबाकर चबाते हैं, जिससे उनके गाल फूले रहते हैं.
  • Q2: ‘खत’ (Qat) क्या है और इसमें कौन सा नशा होता है?
  • उत्तर: खत एक झाड़ी की पत्तियां हैं जिनमें कैथिनोन नामक उत्तेजक कंपाउंड होता है, जिसका असर एम्फेटामाइन जैसा होता है.
  • Q3: यमन की कितनी आबादी इस नशे की लत की चपेट में है?
  • उत्तर: यमन की लगभग 90% वयस्क आबादी और हर 4 में से 1 महिला इस नशे का सेवन करती है.
  • Q4: खत के सेवन से यमन में कौन सा बड़ा पर्यावरणीय संकट पैदा हो गया है?
  • उत्तर: खत की खेती में अत्यधिक पानी का उपयोग होने के कारण देश में भीषण जल संकट पैदा हो गया है.
  • Q5: क्या इस्लाम में खत के सेवन पर कोई प्रतिबंध है?
  • उत्तर: स्थानीय मान्यताओं और रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्लाम में इसके चबाने पर कोई प्रत्यक्ष रोक नहीं है और लोग इसे चबाकर नमाज भी पढ़ते हैं.
Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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