अजब-गजब

इंसानों की राजनीति से ऊबा तो दुनिया के इस शहर ने कुत्ते को बनाया अपना ‘मेयर’? 14 सालो से कर रहा राज

Ajab gajab: आज के दौर में जहां राजनीति और सत्ता की कुर्सी के लिए नेताओं के बीच जबरदस्त खींचतान मची रहती है, वहीं दुनिया के एक कोने में एक ऐसा शहर भी है जिसने मिसाल कायम कर रखी है. इस शहर की जनता ने किसी इंसान के बजाय एक कुत्ते को अपना नेता चुना है. ये सुनने में किसी फिल्म की कहानी जैसा लग सकता है, लेकिन ये पूरी तरह हकीकत है.

कैलिफोर्निया: जहां मेयर बना ‘मैक्स’

अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक छोटा और बेहद खूबसूरत पहाड़ी कस्बा है, जिसका नाम है इडिलविल्ड (Idyllwild). इस कस्बे की सबसे बड़ी खासियत यहां का मेयर है. पिछले 14 सालों से यहां गोल्डन रिट्रीवर ब्रीड का कुत्ता ही मेयर की कुर्सी पर काबिज होता आ रहा है. इस अनोखी और दिलचस्प परंपरा की शुरुआत साल 2012 में हुई थी. उस वक्त पहली बार ‘मेयर मैक्स प्रथम’ (Mayor Max I) ने भारी मतों से चुनाव जीतकर सबको चौंका दिया था.

वोटिंग का तरीका भी सबसे अलग

इडिलविल्ड में मेयर चुनने के लिए किसी बैलेट पेपर या ईवीएम मशीन की जरूरत नहीं पड़ती. यहां वोटिंग का तरीका भी उतना ही अनोखा है जितना कि यहां का मेयर. लोग अपने पसंदीदा कुत्ते को जिताने के लिए पैसे डोनेट करते हैं, और इसी चंदे के आधार पर हार-जीत का फैसला होता है. खास बात ये है कि यहां न कोई राजनीतिक पार्टी है और न ही भ्रष्टाचार का नामोनिशान. बस एक वफादार कुत्ता है, जो पूरे शहर को प्यार और एकता के सूत्र में बांधे रखता है.

वर्दी पहनकर शहर का जायजा लेते हैं ‘मेयर साहब’

ये मेयर केवल नाम का पद नहीं है. मेयर साहब बाकायदा अपनी वर्दी पहनते हैं, शहर का जायजा लेते हैं और आने वाले पर्यटकों का स्वागत भी करते हैं. जब पहले मेयर मैक्स की मौत हुई, तो शहर के लोग इतने भावुक हो गए कि उन्होंने किसी इंसान को मौका देने के बजाय मैक्स के ही वंशज ‘मैक्स द्वितीय’ को गद्दी सौंप दी. वर्तमान में इस पद की जिम्मेदारी ‘मेयर मैक्स तृतीय’ (Maximus Mighty-Dog Mueller III) बखूबी संभाल रहे हैं. वे स्कूलों में जाते हैं, सार्वजनिक कार्यक्रमों में फीता काटते हैं और लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं.

क्या इनके पास होती कोई पावर?

तकनीकी रूप से देखा जाए तो ये एक मानद उपाधि है. इन मेयर डॉग्स के पास कोई कानूनी आदेश पारित करने की शक्ति नहीं होती और फैसले उनके मालिकों द्वारा ही लिए जाते हैं. इसके बावजूद, इडिलविल्ड में ये किसी वीआईपी से कम नहीं हैं. स्थानीय निवासियों का कहना है कि उनके मेयर कभी झूठ नहीं बोलते और न ही किसी से नफरत करते हैं, वे सिर्फ प्यार बांटना जानते हैं.

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-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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