क्या पुनर्जन्म होगा?
एक जर्मन स्टार्ट-अप कंपनी ने मौत को मात देने का एक अनोखा तरीका खोजा है. यह कंपनी क्रायो-प्रिजर्वेशन सर्विसेज दे रही है, जिसमें यह वादा किया जाता है कि भविष्य में जब टेक्नोलॉजी बढ़ेगी, तो इन फ्रीज लाशों को फिर से जीवित किया जा सकेगा. हालांकि, इन दावों में कितनी सच्चाई है या यह भविष्य में कितना संभव है. इस बात की फिलहाल तो कोई पुष्टी नहीं की जा सकती है. हालांकि, इसके लिए भारी संख्या में लोग कंपनी के पास रजिस्ट्रेशन कराने के लिए पहुंच रहे हैं.
टुमारो बायो नाम की यह कंपनी डेड बॉडी को फ्रीज करने के लिए करीब 1.8 करोड़ रुपये और सिर्फ ब्रेन को फ्रीज करने के लिए 67.2 लाख रुपये चार्ज करती है. इस प्रोसेस में बॉडी को माइनस 198 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा किया जाता है, जिससे डिकंपोजीशन प्रोसेस हमेशा के लिए रुक जाती है.
कंपनी व्यक्ति की मृत्यु के तुरंत बाद क्रायो-प्रिजर्वेशन प्रोसेस शुरू करती है. इसके लिए यूरोपियन शहरों में स्पेशल एम्बुलेंस डेड बॉडी को स्विट्जरलैंड के मेन सेंटर तक ले जाती हैं. इसके बाद, शरीर को एक अलग स्टील कंटेनर में लिक्विड नाइट्रोजन से भरकर माइनस 198 डिग्री सेल्सियस पर दस दिनों तक रखा जाता है.
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अब तक टुमारो बायो ने 6 लोगों और 5 पालतू जानवरों का क्रायो-प्रिजर्वेशन किया है. वहीं 650 से अधिक व्यक्तियों ने इस सर्विसेज के लिए पेमेंट किया है और अपने फ्रीज होने का इंतजार कर रहे हैं. कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, उनका विजन है ‘एक ऐसी दुनिया बनाना है जहां लोग चुन सकें कि वे कब तक जीना चाहते हैं.’ लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या यह वास्तव में संभव है?
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