कर्तव्य भवन बचाएगा सररकारी खजाना
Delhi Kartavya Bhavan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने बुधवार को दिल्ली में कर्तव्य पथ पर कर्तव्य भवन-03 बिल्डिंग का उद्घाटन किया. यह कॉमन सेंट्रल सेक्रेटरिएट (CSS) की 10 में से पहली बिल्डिंग है. पीएम ने कहा कि कर्तव्य भवन में विकसित भारत की नीतियां बनेंगी और यह सिर्फ इमारत नहीं, करोड़ों लोगों के सपनों को साकार करने की भूमि है. इससे सरकार का करोड़ों रुपये का रेंट बचेगा. इसी सीधे तौर पर कह सकते हैं कि सरकार की कमाई बढ़ जाएगी.
क्यों जरूरी है कर्तव्य भवन (Kartavya Bhavan)?
पीएम मोदी (PM Modi) ने बताया कि 100 सालों से होम मिनिस्ट्री एक ही बिल्डिंग में है और कुछ मंत्रालय किराए की बिल्डिंग में हैं. सालाना 1500 करोड़ रुपये रेंट देना पड़ता है, जिससे सरकार का खर्च बढ़ रहा है. कर्तव्य भवन के निर्माण से यह परेशानी दूर होगी और मंत्रालयों के बीच बेहतर कोआर्डिनेशन और कामों में तेजी आएगी.
कर्तव्य भवन की विशेषताएं
कर्तव्य भवन-03 में 7 फ्लोर और 24 कॉन्फ्रेंस रूम हैं. इसमें गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, MSME मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DOPT), पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो के ऑफिस होंगे. कर्तव्य भवन 1.5 लाख वर्ग मीटर में फैला है और इसमें एक साथ 600 कारें खड़ी हो सकती हैं.
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आगे क्या है Kartavya Bhavan की योजना?
केंद्र ने सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CSS) की शुरुआत की है. इसके तहत दस बिल्डिंग और एक एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव बनाने की योजना है. कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 का काम अगले महीने तक पूरा हो जाएगा और बचे हुए 7 भवन अगले 22 महीनों में बन जाएंगे.
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