अजब-गजब

Ajab Gajab: ऐसी अजीबोगरीब परंपरा जहां एक मेयर ने मगरमच्छ संग रचाई शादी , फिर किया वेडिंग किस, जानें क्यों

Ajab Gajab: आप कई शादियों में गए होंगे जहां आपने लड़को को लड़कियों से शादी करते देखा होगा लेकिन क्या आपने कभी किसी मगरमच्छ के साथ शादी करते हुए देखा है? जी हां एक ऐसा ही अजीबोगरीब जगह है जहां एक मेयर ने मगरमच्छ से शादी रचाई है. हम बात कर रहे हैं मेक्सिको के ओआक्साका राज्य के सैन पेड्रो हुअमेलुला शहर की जहां एक बेहद अनोखी और दिलचस्प परंपरा निभाई गई. यहां के मेयर डैनियल गुटिएरेज ने 30 जून 2025 को एक मादा मगरमच्छ से प्रतीकात्मक विवाह किया. यह परंपरा पिछले 230 वर्षों से चली आ रही है और इसे स्थानीय लोग सौभाग्य, बारिश और समृद्धि का प्रतीक मानते हैं.

दो समुदायों की शांति का प्रतीक

यह रस्म चोन्ताल और ह्वावे नामक दो स्वदेशी समुदायों के बीच मेलजोल की याद में मनाई जाती है. लोककथाओं के अनुसार, चोन्ताल राजा ने ह्वावे समुदाय की राजकुमारी से शादी की थी. इस राजकुमारी का प्रतीक मगरमच्छ को माना गया. यह विवाह पुराने संघर्षों के अंत और शांति की शुरुआत का संकेत था. तभी से यह परंपरा हर साल निभाई जाती है.

मगरमच्छ बनी ‘छोटी राजकुमारी’

विवाह में मादा मगरमच्छ को ‘ला नीना प्रिंसेसा’ यानी ‘छोटी राजकुमारी’ कहा जाता है. शादी से पहले उसे पूरे शहर में घुमाया जाता है. फिर उसे सुंदर पारंपरिक परिधानों से सजाया जाता है. सफेद वेडिंग गाउन पहनाकर उसे दुल्हन जैसा रूप दिया जाता है. सुरक्षा के लिहाज से उसके मुंह को रिबन से बांध दिया जाता है. इस बार मगरमच्छ का नाम रखा गया — मिगुएलाना एस्टेला डेल मार जावालेटा रामिरेज. शादी से एक दिन पहले उसका बपतिस्मा भी किया गया.

मेयर ने किया वेडिंग किस

शादी का आयोजन टाउन हॉल में हुआ. मेयर पारंपरिक सफेद पोशाक में शामिल हुए. उन्होंने मगरमच्छ के माथे पर प्यार से किस दिया और उसके साथ पहला नृत्य भी किया. यही इस रस्म का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है. स्थानीय लोग, संगीतकार और नर्तक इस मौके पर जमकर झूमे. एक स्थानीय निवासी लुइस मैनुएल लोपेज ने कहा, “यह रस्म हमारे लिए सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि धरती माता और सृष्टिकर्ता से जुड़ाव का जरिया है. हम इससे अच्छी फसल, मछली और वर्षा की प्रार्थना करते हैं.”

सोशल मीडिया पर अनोखी शादी का वीडियो हुआ वायरल

इस अनोखी शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. कुछ लोग हैरान हुए, तो कई ने इसकी तारीफ की. एक यूजर ने लिखा, “230 साल पुरानी परंपरा? अजीब है, पर दिलचस्प भी!” दूसरे ने मजाक में कहा, “ये शादी तो 2024 के राजनीतिक गठबंधनों से भी ज्यादा सफल लग रही है!” हालांकि, कुछ लोग इससे जुड़ी ‘सुहागरात’ जैसी बातों में भी रुचि दिखाते नजर आए. लेकिन यह केवल एक प्रतीकात्मक विवाह होता है. इसमें किसी तरह की वैवाहिक या धार्मिक रस्में नहीं निभाई जातीं.

-भारत एक्सप्रेस 

Akansha

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