सांकेतिक फोटो-सोशल मीडिया
Viral News: दुनिया भर से तमाम ऐसी खबरें सामने आती रहती हैं जो सुनने और पढ़ने में बड़ी अजीब होती हैं और तथ्य भी बड़े चौंकाने वाले होते हैं. ऐसी ही एक खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें हैरान करने वाला दावा किया गया है. खबरों के मुताबिक दुनिया में एक ऐसा गांव भी है, जहां लड़कियां जब युवावस्था में पहुंचती हैं तो वह युवती नहीं बनतीं बल्कि युवक यानी लड़का बन जाती हैं. इस गांव की यह रहस्यमयी पहेली वैज्ञानिकों के लिए भी चुनौती बनी हुई है. यहां पर वैज्ञानिक दशकों से रिसर्च कर रहे हैं लेकिन अभी तक इस रहस्य के तह तक नहीं पहुंच सके हैं.
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक डोमिनिकन रिपब्लिक देश में ला सेलिनास नामक गांव वैज्ञानिकों के लिए रहस्यमयी बना हुआ है, क्योंकि यहां लड़कियों का एक खास उम्र के बाद जेंडर चेंज हो जाता है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यहां लड़कियों के लड़का बनने को लेकर वैज्ञानिक दशकों से रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी तक ये पता नहीं लगा सकें हैं कि आखिर लड़कियां लड़का कैसे बन जाती हैं. लड़कियों के लड़का बन जाने के कारण ही यहां के लोग इस गांव को श्रापित गांव मानते हैं.
बता दें कि इस अद्भुत बदलाव के चलते ये गांव शोध का विषय बना हुआ है. कई शोधकर्ताओं ने इस बीमारी का इलाज खोजने की कोशिश की, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिल सकी है. बता दें कि यह गांव समुद्र किनारे बसा हुआ है और गांव की आबादी करीब 6 हजार है, लेकिन अजीब रहस्य होने के कारण ये गांव दुनिया भर में चर्चा का विषय है और दुनियाभर के शोधकर्ता लगातार यहां पर रिसर्च कर रहे हैं.
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस गांव में 12 साल की उम्र आते -आते सभी लड़कियां लड़के के रूप में बदल जाती हैं. इस अजीब घटनाओं के कारण गांव में लड़कियों की संख्या दिन पर दिन बहुत कम होती जा रही है. क्योंकि इस तरह की घटनाएं होने की वजह से यहां के लोग घर में बेटी पैदा होने से डरते हैं और जब घर में बेटी पैदा होती है तो गांव में मातम पसर जाता है. यहां पर इस तरह के बच्चों को ‘ग्वेदोचे’ कहा जाता है. स्थानीय भाषा में इस शब्द का अर्थ किन्नर होता है.
रिपोर्ट के मुताबिक इस गांव की रहने वाली एक लड़की, जिसका नाम जॉनी है, ने लड़की से लड़के में तब्दील हो जाने का अनुभव शेयर करते हुए कहा, “मुझे लड़कियों के रूप में कपड़े पहनना पसंद नहीं था और जब मुझे लड़कियों के खिलौने मिले तो, मुझे अच्छा नहीं लगता था लेकिन जब मैं लड़कों के ग्रुप देखता तो मैं उनके साथ गेंद खेलने के लिए रुक जाता.”
इस गांव को लेकर डॉक्टर्स कहते हैं कि इस सब के पीछे एक तरह की आनुवांशिक बिमारी है. जिसे ‘स्यूडोहोर्मैफ्रैडाइट’ कहा जाता है. चिकित्सक कहते हैं कि इस बीमारी में लड़की के रूप में पैदा होने वाली लड़की में धीरे-धीरे लड़कों के अंग बनने लगते हैं. इसके साथ ही बढ़ते उम्र के साथ आवाज बदलने लगती है. आवाज में अपने आप भारीपन आने लगता है.
-भारत एक्सप्रेस
Brij Bhushan Sharan Singh on Elon Musk: दिल्ली के कनॉट प्लेस में CJP के 'लहरा…
Shraddha Dubey: लखनऊ के चर्चित कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मुख्य…
Indian Cricket Team: भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना टी20 इंटरनेशनल में 5,000 रन पूरे करने से…
बिहार MLC चुनाव के बीच JDU विधायक Anant Singh का सनसनीखेज कबूलनामा. बोले- जब नीतीश…
Gold Price Today: देश में सोने के आयात में भारी गिरावट के बावजूद आज घरेलू…
Bhind Snehlata Murder Case: मध्य प्रदेश के भिंड में बिहार की नर्सिंग छात्रा स्नेहलता के…