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Vasudhaiva Kutumbakam Meaning: ‘वसुधैव कुटुंबकम’ संस्कृत का एक प्रसिद्ध विचार है, जिसका सीधा सा मतलब है- ‘पूरी दुनिया एक ही परिवार है.’ यह सोच हमें सिखाती है कि इंसानियत, प्रकृति और हमारा भविष्य अलग-अलग नहीं, बल्कि एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. भारत ने जब G20 की अध्यक्षता की, तब ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ के नारे के साथ इसी विचार को पूरी दुनिया के सामने मजबूती से रखा था.
‘वसुधैव कुटुंबकम’ का अर्थ है पूरी धरती को एक परिवार मानना. यह विचार विविधता का सम्मान करने, आपसी जिम्मेदारी निभाने और संवाद के जरिए समस्याओं को सुलझाने पर जोर देता है. 2023 के G20 सम्मेलन में भारत ने इस विचार के जरिए बंटी हुई दुनिया को एक मंच पर लाकर सर्वसम्मति बनाई. यह सिर्फ एक प्राचीन श्लोक नहीं, बल्कि आज के दौर में शांति, सहयोग और पर्यावरण को बचाने का एक व्यावहारिक रास्ता है.
यह शब्द तीन हिस्सों से मिलकर बना है: वसुधा (धरती), एव (ही), और कुटुंबकम (परिवार). यानी पूरी पृथ्वी ही हमारा परिवार है. संस्कृत का प्रसिद्ध श्लोक है-
‘अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्. उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥’
इसका आसान अर्थ है कि ‘यह मेरा है और वह पराया, ऐसी सोच छोटे मन वालों की होती है; उदार दिल वालों के लिए तो पूरी दुनिया ही एक परिवार है.’ यह विचार हमें अपनी छोटी पहचानों से ऊपर उठकर हर इंसान से जुड़ने की सीख देता है.
‘वसुधैव कुटुंबकम’ का मतलब अपनी संस्कृति या देश के हितों को भूल जाना नहीं है, बल्कि मतभेदों को परिवार की तरह संभालना है. इसकी मुख्य बातें हैं:
G20 कोई आध्यात्मिक मंच नहीं, बल्कि दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का राजनीतिक और आर्थिक मंच है. जब भारत ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ को G20 का थीम बनाया, तो उसने कूटनीति और अर्थव्यवस्था के बीच इंसानियत की बात जोड़ दी. रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक मतभेदों के बावजूद 2023 में नई दिल्ली में सभी देशों ने मिलकर ‘नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन’ पर सर्वसम्मति से दस्तखत किए. यह दिखाता है कि एक परिवार की तरह अलग-अलग राय होने के बावजूद साथ मिलकर काम किया जा सकता है.
इस विचार को सही से समझना बहुत जरूरी है:
आज दुनिया व्यापार, इंटरनेट और मौसम के बदलाव से आपस में जुड़ी हुई है, लेकिन फिर भी लोगों के बीच दूरी और नफरत बढ़ रही है. ‘वसुधैव कुटुंबकम’ हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि ‘सिर्फ हमारा क्या फायदा है?’ के बजाय ‘हम सबका साझा भविष्य क्या है?’ यह विचार हमें सिखाता है कि हम अपने देश और समाज से प्यार करते हुए भी पूरी दुनिया को अपना मान सकते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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