PM Modi Independence Day Speech: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण देश के भविष्य और युवाओं की भूमिका पर केंद्रित रहा. 75 मिनट 27 सेंकड के अपने संबोधन में पीएम मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया. अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं को इस लक्ष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया और उनसे बड़े सपने देखने तथा बड़े संकल्प लेने की अपील की.
साथ ही, पीएम मोदी के भाषण में कुछ ऐसे शब्द भी रहे, जिन्हें उन्होंने बार-बार दोहराया और उन पर खास जोर दिया. भाषण के दौरान ‘युवा’ शब्द का इस्तेमाल करीब 20 बार किया गया, जबकि ‘संकल्प’ शब्द 19 बार दोहराया गया. वहीं, ‘विकसित भारत’ का उल्लेख 12 बार हुआ. इसके अलावा ‘आत्मनिर्भरता’ और ‘वंदे मातरम’ जैसे शब्द भी 10 और 6 बार भाषण में सुनाई दिए. इन शब्दों की बार-बार दोहराने से साफ है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में युवा शक्ति, संकल्प, विकसित भारत, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रभावना को खास महत्व दिया.
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का भी विशेष उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि इस वर्ष इसके 150 साल पूरे हो रहे हैं. स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लाल किले पर ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण गायन हुआ.
पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हो रहे कामों को भी गिनाया. उन्होंने सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और ऊर्जा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में देश की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया. उनका कहना था कि भारत को जरूरी तकनीक और संसाधनों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करनी होगी.
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में सबसे बड़ी भूमिका देश के युवाओं की होगी. उन्होंने ‘युवा शक्ति फॉर विकसित भारत’ का आह्वान करते हुए युवाओं से नई सोच के साथ आगे बढ़ने को कहा.
उन्होंने देश में बढ़ती उद्यमिता का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में 2.5 लाख से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं. इनमें बड़ी संख्या में युवा रोजगार लेने के बजाय रोजगार देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. सरकार की ओर से घोषित 1 लाख करोड़ रुपये के फंड का जिक्र करते हुए उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि संसाधनों की कमी उनके सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बनेगी.
डिजिटल भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने इंटरनेट की कम लागत को देश की बड़ी ताकत बताया. उन्होंने उच्च शिक्षा के विस्तार की जानकारी भी दी. उनके मुताबिक, 2004 से 2014 के बीच देश में 350 से कम विश्वविद्यालय थे, जबकि अब बड़ी संख्या में नए विश्वविद्यालय जुड़ चुके हैं और कुल संख्या करीब 1,000 तक पहुंच रही है.
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तकनीक के क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने AI को लेकर बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है. इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को AI के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार करना है. साथ ही छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था शुरू करने की बात भी कही गई. पीएम मोदी ने युवाओं से देश की प्रगति में सक्रिय भागीदारी करने और ‘बड़ा सोचो, बड़ा संकल्प लो’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया.
-भारत एक्सप्रेस
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