मुख्यमंत्री कार्यालय को लोकायुक्त के दायरे में लाने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट खारिज किया। यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील शिव कुमार त्रिपाठी की ओर से दायर की गई थी। याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया था, वह कानून में संशोधन कर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय को लोकायुक्त के दायरे में लाया जाए। याचिका में कहा गया था कि ‘उत्तर प्रदेश लोकायुक्त एवं उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1975’ की मौजूदा स्थिति लोकायुक्त को ‘‘पर्याप्त शक्तियां नहीं देतीं जिस उद्देश्य और लक्ष्य के लिये इसे बनाया गया था।
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