भारत का बजट

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में पेश करेंगी केंद्रीय बजट 2025, पहली बार नहीं होगा पारंपरिक ‘बही खाता’

Budget 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में केंद्रीय बजट 2025 पेश करेंगी. यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला आम बजट होगा, जिस पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं. खास बात यह है कि इस बार भी वित्त मंत्री पारंपरिक ‘बही खाता’ (लाल कपड़े में लिपटी बजट की किताब) के बजाय डिजिटल टैबलेट के माध्यम से बजट पढ़ेंगी और प्रस्तुत करेंगी.

डिजिटल इंडिया की झलक—बही खाते की जगह टैबलेट

मोदी सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के तहत, 2021 से ही बजट को पेपरलेस किया गया था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आठवीं बार बजट पेश कर रही हैं और उन्होंने लगातार बही खाता के स्थान पर टैबलेट का उपयोग किया है. इससे पहले 2019 तक वित्त मंत्री बही खाता लेकर संसद में आती थीं, लेकिन 2020 के बाद से सरकार ने बजट को डिजिटल रूप में प्रस्तुत करने का फैसला लिया.

बजट से क्या हैं मुख्य उम्मीदें?

यह बजट देश के आर्थिक विकास, महंगाई नियंत्रण, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे में निवेश और कर ढांचे में सुधार से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाओं के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. आम जनता से लेकर उद्योग जगत, कृषि क्षेत्र, स्टार्टअप्स, मध्यम वर्ग और कॉर्पोरेट सेक्टर सभी को इस बजट से बड़ी उम्मीदें हैं.

1. मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत: आयकर स्लैब में बदलाव की उम्मीद की जा रही है.
2. महंगाई पर नियंत्रण: रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं के दाम नियंत्रित करने के लिए सरकार नई योजनाएं ला सकती है.
3. रोजगार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा: युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप्स और MSME सेक्टर को प्रोत्साहन की संभावनाएं.
4. कृषि और ग्रामीण विकास: किसानों के लिए नई योजनाएं और सब्सिडी बढ़ाने पर ध्यान दिया जा सकता है.
5. बुनियादी ढांचे पर जोर: रेलवे, सड़क, मेट्रो प्रोजेक्ट्स और स्मार्ट सिटी योजनाओं के लिए बड़े ऐलान संभव.
6. डिजिटल इकोनॉमी और AI सेक्टर: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर और डिजिटल भुगतान प्रणाली के विस्तार की नीतियों की घोषणा हो सकती है.

बजट 2025: देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला बजट?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस बजट को भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. सरकार के विकास मॉडल, पूंजीगत व्यय, शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए बजट में क्या प्रावधान किए जाते हैं, यह देखने वाली बात होगी.

देशभर के नागरिक, उद्योगपति, निवेशक और राजनीतिक विश्लेषक इस बजट पर पैनी नजर बनाए हुए हैं. देखना यह होगा कि केंद्रीय वित्त मंत्री के ऐलान आम जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं. संसद में बजट पेश होने के बाद इसकी विस्तृत समीक्षा और विशेषज्ञों की राय सामने आएगी.

मिताली चंदोला, एडिटर, स्पेशल प्रोजेक्ट्स

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