Adani International School: ग्रामीण गुजरात में कृषि में क्रांति से लेकर भारत के युवाओं में वित्तीय साक्षरता बढ़ाने तक, अदानी इंटरनेशनल स्कूल के छात्र आयान पटेल और देवर्ष खत्री ने ब्रिटेन का प्रतिष्ठित गोल्ड क्रेस्ट अवार्ड जीता. इस सफलता से पता चलता है कि कैसे स्कूल, प्रमोटर नम्रता अदानी के मार्गदर्शन में, जिज्ञासा, नवाचार और वास्तविक दुनिया में बदलाव को बढ़ावा देता है.
उत्तर गुजरात के लंवा गांव में 16 वर्षीय आयान पटेल ने कृषिमित्र (Farmer’s Friend) नामक प्लेटफॉर्म शुरू किया है. इसमें AI-सक्षम उपकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों का संयोजन किया गया है. उनकी प्रमुख उपलब्धि सौरसिंच AI है. यह सौर ऊर्जा से चलने वाला एग्रीबॉट बिना Wi-Fi या महंगी संरचना के किसानों को मिट्टी की स्थिति, सिंचाई और कीटनाशक उपयोग नियंत्रित करने में मदद करता है.
इस पहल ने 5 गांवों के 3,300 से अधिक किसानों, 24 युवा नेताओं और महिला संचालित माइक्रोएंटरप्राइज को सशक्त बनाया. आयान के लिए यह नवाचार केवल तकनीक नहीं, बल्कि परिवार की विरासत और कर्तव्य भी है.
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आयान के खेतों में काम करने के समय, उनके वरिष्ठ छात्र देवर्ष खत्री ने डिजिटल वित्त पर ध्यान केंद्रित किया. उनके गोल्ड क्रेस्ट अवार्ड विजेता प्रोजेक्ट का शीर्षक है: “Buy Now, Pay Later (BNPL) उपयोग और वित्तीय साक्षरता का संबंध”. देवर्ष ने 2023 के Financial Literacy and Inclusion in India Survey का अध्ययन किया. उनके शोध से पता चला कि कम जागरूकता वाले लोग डिजिटल क्रेडिट पर अधिक निर्भर होकर अनियंत्रित खर्च कर सकते हैं. उन्होंने इसके समाधान भी सुझाए.
आयान और देवर्ष की सफलता केवल अवार्ड तक सीमित नहीं है. अदानी इंटरनेशनल स्कूल ने उन्हें ऐसे माहौल में प्रशिक्षित किया जहां जिज्ञासा का मिलन उद्देश्य से होता है. प्रमोटर नम्रता अदानी के नेतृत्व में, स्कूल ने चेंजमेकर लैब और STEM इनोवेशन प्रोग्राम जैसी पहल शुरू की. छात्रों को सामाजिक समस्याओं की पहचान, समाधान खोजने और उन्हें वास्तविक दुनिया में लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.
आयान का लक्ष्य सौरसिंच AI को पूरे गुजरात में लागू करना और ग्रामीण युवाओं को कृषि नवाचार में मार्गदर्शन देना है. देवर्ष का लक्ष्य अपने शोध को नीति निर्माण और वित्तीय साक्षरता को मजबूत करने के लिए लागू करना है. दोनों इसे सफलता की शुरुआत मानते हैं, न कि अंतिम लक्ष्य. आयान और देवर्ष की कहानी यह दिखाती है कि जब शिक्षा नवाचार और जिम्मेदारी को बढ़ावा देती है, तो छात्र केवल सीखते नहीं, बल्कि समाज में वास्तविक बदलाव लाते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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