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रूसी संसदीय चुनाव: भारत की धरती से पड़ा वोट, जानिए दोनों देशों के प्रगाढ़ संबंधों की नई तस्वीर

Russian State Duma Elections Voting in India: भारत और रूस के द्विपक्षीय रिश्ते सिर्फ उच्चस्तरीय बैठकों, रणनीतिक वार्ताओं और रक्षा समझौतों तक सीमित नहीं हैं. हाल ही में भारत की धरती पर आयोजित रूसी संसदीय चुनाव (स्टेट ड्यूमा) की वोटिंग ने दोनों देशों के बीच प्रशासनिक और कूटनीतिक सहयोग की एक अनूठी और मजबूत तस्वीर पेश की है. रूस से हजारों किलोमीटर दूर भारत में रह रहे रूसी नागरिकों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने की सुविधा मिलना, दोनों देशों के प्रगाढ़ संबंधों का जीता-जागता उदाहरण है.

क्या है स्टेट ड्यूमा और इसकी चुनावी व्यवस्था?

रूस की संसद को फेडरल असेंबली कहा जाता है, जिसके दो सदन होते हैं. जैसे भारत में ‘लोकसभा’ है, ठीक वैसे ही रूस की संसद के निचले सदन को स्टेट ड्यूमा कहा जाता है.
सीटों का गणित: स्टेट ड्यूमा की कुल 450 सीटों पर चुनाव होता है.
चयन प्रक्रिया: इनमें से आधी (225) सीटों पर सांसदों का चयन पार्टी लिस्ट (अनुपातिक प्रतिनिधित्व) के आधार पर होता है. बाकी आधी (225) सीटों पर सिंगल-मेम्बर निर्वाचन क्षेत्रों से सीधे उम्मीदवार चुने जाते हैं.

भारत के 5 प्रमुख शहरों और परमाणु संयंत्र में पोलिंग स्टेशन

भारत में रह रहे रूसी नागरिकों की सुविधा के लिए रूसी दूतावास और प्रशासन ने व्यापक इंतज़ाम किए. नई दिल्ली स्थित रूसी दूतावास के अलावा भारत के चार अन्य प्रमुख शहरों—कोलकाता, मुंबई, चेन्नई और गोवा—में पोलिंग स्टेशन बनाए गए.
विशेष बात यह रही कि तमिलनाडु के कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट में कार्यरत रूसी इंजीनियरों और विशेषज्ञों के लिए पहले ही मतदान की व्यवस्था की गई थी. इसके अतिरिक्त, भारत में स्थायी या अस्थायी रूप से रह रहे नागरिकों के अलावा यहां पर्यटन (टूरिज्म) या बिजनेस ट्रिप पर आए रूसी नागरिकों को भी वैध पहचान पत्रों के आधार पर वोट डालने का अधिकार दिया गया.

संवेदनशीलता और साइबर चुनौतियों के बीच मतदान

यह स्टेट ड्यूमा चुनाव 2022 में शुरू हुए रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद का पहला संसदीय चुनाव है, जिससे इसका राजनीतिक महत्व काफी बढ़ जाता है. कुल 11 राजनीतिक पार्टियां इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले रही हैं. 3 दिनों तक चले इस मतदान के दौरान रूस ने चुनावी प्रक्रिया में विदेशी हस्तक्षेप और साइबर हमलों के आरोप लगाए. रूसी अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन वोटिंग सिस्टम और कम्युनिकेशन नेटवर्क पर कई साइबर हमले किए गए, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया.

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भारतीय प्रशासन की भूमिका और कूटनीतिक महत्व

रूस के राजदूत ने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में भारतीय प्रशासन के सहयोग की खुलकर सराहना की. सुरक्षा व्यवस्था से लेकर लॉजिस्टिकल सहायता तक, भारतीय अधिकारियों की मुस्तैदी ने इस अंतरराष्ट्रीय मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाया. विदेश की धरती पर पोलिंग स्टेशन बनाकर अपने नागरिकों को मताधिकार देना रूस की अपने लोगों के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाता है. वहीं, भारत द्वारा इस स्तर पर सहयोग देना यह साबित करता है कि नई दिल्ली और मॉस्को के बीच सिर्फ रणनीतिक हित ही साझा नहीं होते, बल्कि जमीन पर प्रशासनिक और कूटनीतिक समन्वय भी बेहद सहज और भरोसा योग्य है.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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