Adani Ports Marseille Fos MoU: भारत और यूरोप के बीच व्यापारिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के उद्देश्य से, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) ने फ्रांस के प्रमुख बंदरगाह, पोर्ट ऑफ मार्सिले फॉस (Port of Marseille Fos) के साथ एक रणनीतिक समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. यह समझौता इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
यह समझौता फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान किया गया, जो भारत और फ्रांस के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को भी दर्शाता है. निश्चित तौर पर आने वाले समय में देश को इससे काफी लाभ होने वाला है.
इस साझेदारी के तहत एक ‘IMEC पोर्ट्स क्लब’ के गठन का प्रस्ताव रखा गया है. इसका उद्देश्य IMEC रूट पर स्थित प्रमुख बंदरगाहों के बीच समन्वय को बढ़ाना और भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना है. यह कदम पीएम मोदी द्वारा ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहे गए भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद व्यापार को और गति देगा. APSEZ के पूर्णकालिक निदेशक अश्विनी गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि-
‘भारत पहले ही इस कॉरिडोर को आगे बढ़ाने में नेतृत्व की भूमिका निभा चुका है. भारत-ईयू के बीच व्यापार कई गुना बढ़ने की उम्मीद है. APSEZ में हमारे हजीरा और मुंद्रा बंदरगाहों ने कॉरिडोर के पहले और मध्य चरणों में एक निर्बाध रास्ता स्थापित कर लिया है. फ्रांस के पोर्ट ऑफ मार्सिले फॉस के साथ इस एमओयू के साथ, हमने अब यूरोप के अंतिम चरण को सफलतापूर्वक जोड़ दिया है. इस साझेदारी से आर्थिक सहयोग और आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन और मजबूत होगा.’
इस समझौते के प्रमुख बिंदुओं में ‘मुंद्रा-मार्सिले फॉस ग्रीन मैरीटाइम कॉरिडोर’ का विकास शामिल है. APSEZ के मुंद्रा और हजीरा पोर्ट अब फ्रांस के मार्सिले फॉस पोर्ट से जुड़ेंगे. यह पश्चिमी यूरोपीय गेटवे के रूप में कार्य करेगा. इससे कॉरिडोर की क्षमता में लगभग 7 करोड़ टन का इजाफा होगा और इसकी पहुंच यूरोप के भीतर तक होगी. पोर्ट ऑफ मार्सिले फॉस सीईओ हर्वे मार्टेल ने इस समझौते को लेकर कहा कि-
‘हम ऐसे समय में APSEZ के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करके खुश हैं जब IMEC कॉरिडोर एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है. भारत और मार्सिले इस भविष्य के व्यापार दो सिरों पर खड़े हैं, जिससे दोनों बंदरगाहों को नए मार्ग बनाने की बड़ी जिम्मेदारी मिलती है. साथ मिलकर, हम शामिल बंदरगाहों को जोड़ने का इरादा रखते हैं. हम हमारे क्षेत्रों के बीच एक अधिक कुशल, लचीला और टिकाऊ कनेक्शन के मजबूत पैरोकार के रूप में कार्य करते हैं.’
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APSEZ भारत का सबसे बड़ा एकीकृत लॉजिस्टिक्स प्रदाता कंपनी है. यह 15 रणनीतिक बंदरगाहों का संचालन करती है. यह भारत के कुल पोर्ट वॉल्यूम का लगभग 28% संभालती है. वहीं पोर्ट ऑफ मार्सिले फॉस फ्रांस का अग्रणी बंदरगाह है जो सालाना 7.4 करोड़ टन कार्गो संभालता है और यूरोप के सबसे बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में से एक है. यह साझेदारी न केवल भारत और यूरोप के बीच व्यापार को सुगम बनाएगी, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को भी अधिक टिकाऊ और सुरक्षित बनाने में मदद करेगी.
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