बिजनेस

अंबुजा सीमेंट्स और ACC को नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य के लिए SBTI की मिली मान्यता

अदाणी सीमेंट द्वारा गुरुवार को जारी एक प्रेस नोट के अनुसार, अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड और एसीसी लिमिटेड अपने शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों के लिए विज्ञान आधारित लक्ष्य पहल से मान्यता प्राप्त करने वाली पहली भारतीय सीमेंट कंपनियां बन गई हैं.

एसबीटीआई द्वारा मान्यता इस बात की पुष्टि करती है कि कंपनियों के 2030 तक पूरे किए जाने वाले निकट-अवधि के जलवायु लक्ष्य और 2050 के लिए उनके दीर्घकालिक ‘नोट-जीरो लक्ष्य’ जलवायु विज्ञान और पेरिस समझौते के 1.5 डिग्री सेल्सियस लक्ष्य के अनुरूप हैं.

यह अनुमोदन अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी को भारत सरकार की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना का अनुपालन करने और वैश्विक कार्बन बाजारों में भाग लेने में सक्षम बनाता है. विज्ञान आधारित लक्ष्य पहल जलवायु विज्ञान के आधार पर कॉर्पोरेट शुद्ध-शून्य लक्ष्य निर्धारण के लिए दुनिया की एकमात्र रूपरेखा है. यह विश्व आर्थिक मंच की औद्योगिक क्लस्टर परिवर्तन पहल का भी सदस्य है

2028 तक 60% बिजली अक्षय और हरित स्रोतों से बनाने का लक्ष्य

अपनी डीकार्बोनाइजेशन रणनीति के हिस्से के रूप में अंबुजा का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2028 तक अपनी 60% बिजली अक्षय और हरित स्रोतों से प्राप्त करना है. इसमें 1 गीगावाट सौर और पवन क्षमता और 376 मेगावाट अपशिष्ट ऊष्मा (Waste Heat) पुनर्प्राप्ति प्रणाली की योजनाएं शामिल हैं. अब तक, इसने 299 मेगावाट नवीकरणीय क्षमता और 186 मेगावाट अपशिष्ट ऊष्मा पुनर्प्राप्ति क्षमता स्थापित की है.

कंपनियों ने यह भी कहा कि उनके डीकार्बोनाइजेशन रोडमैप को अडानी समूह की व्यापक ऊर्जा संक्रमण योजना का समर्थन प्राप्त है, जिसमें 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और हरित हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ाने के लिए $100 बिलियन का निवेश शामिल है.

विज्ञप्ति के अनुसार, अडानी सीमेंट, जिसमें अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी शामिल हैं, 100 मिलियन टन से अधिक स्थापित क्षमता के साथ दुनिया की नौवीं सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी है. इसमें कहा गया है कि कंपनी भारत के आवास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में उपयोग किए जाने वाले सीमेंट का लगभग 30% हिस्सा बनाती है.


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-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

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