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अदाणी पोर्ट्स, NMDC और Vale Brazil ने लौह अयस्क के लिए साइन किया MoU, गंगावरम पोर्ट बनेगा प्रमुख सेंटर

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) ने सरकारी कंपनी NMDC लिमिटेड और ब्राजील की कंपनी Vale एसए के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. यह समझौता आयरन ओर (लौह अयस्क) के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएगा. MoU भारत-ब्राजील बिजनेस फोरम समिट में साइन हुआ. इस मौके पर ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला दा सिल्वा की आधिकारिक यात्रा चल रही थी. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद थे.

MoU का मुख्य उद्देश्य

इस समझौते के तहत गंगावरम पोर्ट पर एक आयरन ओर ब्लेंडिंग फैसिलिटी और डेडिकेटेड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) विकसित किया जाएगा. तीनों कंपनियां मिलकर इस इकोसिस्टम को बनाएंगी, चलाएंगी और मैनेज करेंगी. इसका फोकस आयरन ओर को ब्लेंड करना, वैल्यू एडिशन करना और बेचना होगा. इससे भारत के पूर्वी तट पर आयरन ओर एक्सपोर्ट चेन मजबूत होगी. साथ ही मिनरल प्रोसेसिंग और ट्रेड में दक्षता, स्केल और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी.

पोर्ट की क्षमता में बढ़ोतरी

अश्विनी गुप्ता, जो APSEZ के होल-टाइम डायरेक्टर और CEO हैं, ने कहा, “यह साझेदारी भारत की ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत स्थिति बनाने के लिए है. हम हाई-क्वालिटी मिनरल लॉजिस्टिक्स और एडवांस्ड पोर्ट सुविधाओं को जोड़ रहे हैं.” उन्होंने बताया कि इस सहयोग से गंगावरम पोर्ट की क्षमता 75 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) तक पहुंच जाएगी. यह पोर्ट भारत और क्षेत्र के लिए आयरन ओर एक्सपोर्ट का हब बनेगा.

जहाजों को हैंडल करने की कैपेसिटी

अश्विनी गुप्ता ने आगे कहा, “NMDC और Vale के साथ हमारा पार्टनरशिप पूर्वी तट पर आयरन ओर सेक्टर के लिए आधुनिक, कुशल और सस्टेनेबल इकोसिस्टम बनाएगा. गंगावरम पोर्ट भारत का पहला ऐसा पोर्ट बनेगा जो वालमैक्स जहाजों को हैंडल कर सके.” वालमैक्स दुनिया के सबसे बड़े वेरी लार्ज ओर कैरियर्स (VLOCs) हैं, जिनकी क्षमता 4 लाख टन तक होती है.

क्या-क्या सुविधाएं विकसित होंगी

सहयोग में शामिल:

  • SEZ में इंटीग्रेटेड आयरन ओर ब्लेंडिंग और वैल्यू-एडिशन सिस्टम.
  • पूरी तरह मशीनीकृत बर्थिंग और कार्गो हैंडलिंग सुविधाएं, जो वालमैक्स जहाजों को सपोर्ट करें.
  • एंड-टू-एंड यार्ड मैनेजमेंट, ब्लेंडिंग ऑपरेशंस और जहाज लोडिंग-डिस्चार्ज से सप्लाई चेन बेहतर होगी.
  • यह समझौता भारत-ब्राजील के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करता है.
  • इससे स्टील इंडस्ट्री को फायदा होगा और भारत की इकोनॉमी ग्रोथ में योगदान मिलेगा.
Bharat Express Desk

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