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India-EFTA: भारत-EFTA ट्रेड और आर्थिक साझेदारी समझौता 1 अक्टूबर से होगा लागू: पीयूष गोयल

India-EFTA: केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार (19 जुलाई) को कहा कि भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA) आधिकारिक तौर पर 1 अक्टूबर से लागू होगा, जिससे भारत में 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे.

ईएफटीए (EFTA) में आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं. 10 मार्च, 2024 को साइन किए गए इस ऐतिहासिक समझौते से भारी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आने और कई क्षेत्रों में व्यापार और आर्थिक सहयोग गहरा होने की संभावना है.

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “भारत-ईएफटीए टीईपीए 1 अक्टूबर से लागू होगा.” ईएफटीए देशों ने 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे भारत में 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे.

ट्रेड, निवेश और व्यावसायिक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए एक डेडिकेटेड भारत-ईएफटीए डेस्क शुरू किया गया है. केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि यह डेस्क सरकारों और निजी कंपनियों, दोनों के लिए ‘सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म’ के रूप में कार्य करेगा.

पहले 10 सालों में होगा 50 अरब डॉलर का निवेश

भारत-ईएफटीए समझौते में पहले 10 वर्षों के भीतर 50 अरब डॉलर का FDI शामिल है. अगले 5 वर्षों में 50 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश और भारत में 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार का सृजन शामिल है.

टीईपीए भारत के सबसे व्यापक व्यापार समझौतों में से एक है और इससे भारतीय निर्यातकों के लिए प्रीमियम यूरोपीय बाजार खुलने की उम्मीद है, साथ ही पूंजी, इनोवेशन और रोजगार के अवसर भी होंगे.

इस समझौते के तहत, ईएफटीए अपनी 92.2 प्रतिशत टैरिफ लाइनों की पेशकश कर रहा है, जो इस क्षेत्र में भारत के 99.6 प्रतिशत निर्यात को कवर करती है. ईएफटीए की बाजार पहुंच की पेशकश में 100 प्रतिशत गैर-कृषि उत्पाद और प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों (पीएपी) पर टैरिफ रियायत शामिल है.


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इस समझौते के तहत, भारत अपनी 82.7 प्रतिशत टैरिफ लाइनों की पेशकश कर रहा है, जो ईएफटीए के 95.3 प्रतिशत निर्यात को कवर करती है, जिसमें से 80 प्रतिशत से अधिक आयात सोना है.

सोने पर प्रभावी शुल्क अपरिवर्तित रहेगा. फार्मा, चिकित्सा उपकरण और प्रसंस्कृत खाद्य आदि क्षेत्रों में पीएलआई से संबंधित संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव दिए गए हैं. डेयरी, सोया, कोयला और संवेदनशील कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों को बहिष्करण सूची में रखा गया है.

इस समझौते के तहत, घरेलू ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाले स्विस उत्पाद, जैसे घड़ियां, चॉकलेट, बिस्कुट कम कम कीमतों पर उपलब्ध होंगे क्योंकि भारत व्यापार समझौते के तहत इन वस्तुओं पर सीमा शुल्क को 10 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर देगा.

-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

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