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चीन, जापान के बाद अब दुनिया में भारत का डंका! फॉरेक्स रिजर्व रिकार्ड 785 अरब डॉलर के पार

India Forex Reserve boom UP News: भारतीय अर्थव्यवस्था ने वैश्विक मंच पर एक नया इतिहास रच दिया है. दरअसल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 4 सितंबर 2026 को समाप्त हुए कारोबारी सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार (India’s Forex Reserve) 44.903 अरब डॉलर की ऐतिहासिक बढ़त के साथ 785.706 अरब डॉलर (All-Time High) के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है.

इस अभूतपूर्व उछाल के साथ ही भारत ने दुनिया में अपनी आर्थिक साख का लोहा मनवाते हुए स्विट्जरलैंड को पीछे छोड़ दिया है और अब चीन, जापान के बाद भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार रखने वाला राष्ट्र बन गया है.

10 हफ्तों में 119 अरब डॉलर की छलांग(India Forex Reserve boom up)

भारत के विदेशी मुद्रा खजाने में आई इस अप्रत्याशित तेजी की सबसे बड़ी वजह भारतीय रिजर्व बैंक की सोची-समझी कूटनीति और विशेष ‘डॉलर-मोबिलाइजेशन प्रोग्राम’ (Dollar Mobilization Program) रहा. देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार 10वें हफ्ते बढ़ता रहा, जिसके दौरान केवल 10 हफ्तों के भीतर भारत ने अपने खजाने में $119 अरब डॉलर जोड़े हैं.

रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) 47.498 अरब डॉलर बढ़कर 648.168 अरब डॉलर पर पहुंच गई, हालांकि इसी अवधि में गोल्ड रिजर्व  2.594 अरब डॉलर घटकर 34.944 अरब डॉलर दर्ज किया गया.

FCNR-B डिपॉजिट की आंधी

आरबीआई की विशेष ‘डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा’ (Dollar-Rupee Swap Window) ने भारतीय बाजार में डॉलर की बरसात कर दी. बैंकों के जरिए चलाए गए इस आक्रामक अभियान के तहत ढाई महीनों के रिकॉर्ड समय में 136.377 अरब डॉलर देश के भीतर आए. इसमें सबसे बड़ा योगदान फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट बैंक यानी FCNR-B डिपॉजिट का रहा, जिसके जरिए अकेले प्रवासी भारतीयों और विदेशी निवेशकों ने 127.226 अरब डॉलर का भारी-भरकम निवेश भारत में किया.

समय से पहले बंद करनी पड़ी विशेष योजना

देश में डॉलर का प्रवाह इतना प्रचंड रहा कि बाजार की सारी उम्मीदें और अनुमान ध्वस्त हो गए. इसी का नतीजा रहा कि रिजर्व बैंक को FCNR-B योजना की समय सीमा को तय तिथि से पहले ही बंद करने का फैसला लेना पड़ा. आरबीआई ने जिस विंडो को 30 सितंबर तक खुला रखने की घोषणा की थी, उसे 31 अगस्त को ही बंद कर दिया गया. FCNR-B के तहत स्वैप सुविधा भी 11 सितंबर को समाप्त कर दी गई है.

हालांकि, बाहरी वाणिज्यिक उधार (ECB) और विदेशी मुद्रा उधार के जरिए डॉलर जुटाने की विंडो 31 दिसंबर 2026 तक चालू रहेगी.

यह भी पढ़िए: छावनी में तब्दील हुई दिल्ली: ‘VVIP रूट में सेंध की कोशिश’ BRICS सम्मेलन को लेकर IB का बड़ा अलर्ट

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा क्या बोले?

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस ऐतिहासिक आंकड़े पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि इस विशाल डॉलर फंड ने भारतीय विदेशी मुद्रा बाजार को पूरी तरह स्थिर कर दिया है. गवर्नर ने बताया कि अगस्त महीने में रुपये को ज्यादा गिरने से रोकने के लिए आरबीआई ने स्पॉट मार्केट में 7.7 अरब डॉलर बेचे थे.

लेकिन अब $785 अरब डॉलर के विशालकाय सुरक्षा कवच की बदौलत भारतीय रिजर्व बैंक को करेंसी मार्केट में मजबूती से हस्तक्षेप करने की असीम ताकत मिल गई है. उन्होंने यह भी बताया कि इस सुरक्षित निवेश से मिलने वाले ब्याज से आरबीआई के राजस्व (Revenue) में भी जबरदस्त बढ़ोतरी होगी.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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