चीन, जापान के बाद अब दुनिया में भारत का डंका! फॉरेक्स रिजर्व रिकार्ड 785 अरब डॉलर के पार
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4 सितंबर 2026 को समाप्त सप्ताह में रिकॉर्ड 785.706 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. इस बढ़ोतरी के साथ भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार रखने वाला देश बन गया है.
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अब कैसे बढ़ने लगा? RBI की ताजा रिपोर्ट अर्थव्यवस्था को देगी बड़ा संबल, Gold रिजर्व भी बढ़ा
FOREX RESERVE UPDATE: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अब बढ़ने लगा है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इसके ताजा आंकडे़ जारी किए हैं. जानिए देश के लिए क्यों बेहद खास हैं RBI के ये नए आंकड़े.
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 695.11 अरब डॉलर पहुंचा, सोने के शेयर 2021 से दोगुने स्तर पर
यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से शुक्रवार को दी गई. इससे पहले 8 अगस्त को समाप्त हुए हफ्ते में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4.75 अरब डॉलर बढ़कर 693.62 अरब डॉलर हो गया है.
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 6.99 अरब डॉलर बढ़कर 692.7 अरब डॉलर के पार पहुंचा
आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार का एक प्रमुख घटक, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 4.52 अरब डॉलर बढ़कर 586.17 अरब डॉलर हो गईं.
विदेशी मुद्रा भंडार में आया बड़ा उछाल, 4.5 अरब डॉलर का हुआ इजाफा
RBI द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए डेटा में यह जानकारी दी गई. समीक्षा अवधि में विदेशी मुद्रा भंडार के प्रमुख घटक विदेशी मुद्रा आस्तियों की वैल्यू 19.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 581.37 अरब डॉलर हो गई है.
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार आठवें सप्ताह बढ़कर 688 अरब डॉलर के पार पहुंचा
RBI द्वारा शुक्रवार को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार आठवें सप्ताह बढ़कर 25 अप्रैल तक 688.13 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में 1.98 अरब डॉलर की वृद्धि हुई.
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 305 मिलियन डॉलर बढ़कर 654.271 अरब डॉलर हुआ
पिछले हफ्ते देश का विदेशी मुद्रा भंडार 7 मार्च को समाप्त होने वाले हफ्ते में 15.267 अरब डॉलर बढ़ा था. इस बढ़ोतरी के बाद यह 653.966 अरब डॉलर हो गया था.
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बीते 2 वर्षों में सबसे तेजी से बढ़ा
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7 मार्च को समाप्त होने वाले हफ्ते में 15.267 अरब डॉलर बढ़कर 653.966 अरब डॉलर हो गया है. बीते दो वर्षों में विदेशी मुद्रा भंडार में यह सबसे बड़ी बढ़त है.





