बिजनेस

भारत को लगातार तीसरे साल 100 अरब डॉलर से ज्यादा का रेमिटेंस मिला

भारत को विदेशों में काम करने वाले नागरिकों से रिकॉर्ड 129.4 अरब डॉलर का रेमिटेंस प्राप्त हुआ. सिर्फ दिसंबर तिमाही में ही 36 अरब डॉलर की ऐतिहासिक रकम देश में आई. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बैलेंस ऑफ पेमेंट्स डेटा के विश्लेषण में यह खुलासा हुआ है.

यह तीसरा साल है जब भारत को 100 अरब डॉलर से अधिक का रेमिटेंस मिला है. भारत पिछले 25 वर्षों से शीर्ष प्राप्तकर्ता देशों में शामिल रहा है और 2008 से लगातार पहले स्थान पर बना हुआ है. इसकी मुख्य वजह आईटी सेक्टर में बढ़ोतरी और भारतीय पेशेवरों का यूरोप और अमेरिका में पलायन रही है. इसके अलावा, पारंपरिक रूप से खाड़ी देशों (GCC) से भी भारी मात्रा में रेमिटेंस आता है.

प्रवासी भारतीयों की संख्या में भारी इजाफा

रेमिटेंस आमतौर पर प्रवासी भारतीयों की संख्या और विदेशी नौकरियों के अवसरों से जुड़ा होता है. 1990 में 6.6 मिलियन भारतीय प्रवासी थे, जो 2024 में बढ़कर 18.5 मिलियन हो गए. भारत का वैश्विक प्रवासियों में हिस्सा 4.3% से बढ़कर 6% हो गया. खाड़ी देशों में कुल भारतीय प्रवासियों का लगभग आधा हिस्सा मौजूद है.

भारतीय रिजर्व बैंक की हालिया रिपोर्ट में बताया गया कि आईटी सेवाओं की वैश्विक पैठ और कुशल पेशेवरों की अमेरिका जैसे देशों में बढ़ती मांग के कारण विकसित देश अब रेमिटेंस के बड़े स्रोत बन गए हैं. पहले खाड़ी देश ही मुख्य स्रोत थे, लेकिन अब अमेरिका, यूरोप और अन्य उन्नत अर्थव्यवस्थाओं से भी बड़ी मात्रा में पैसा आ रहा है.

दुनिया में भारत सबसे आगे, मेक्सिको और चीन पीछे

2024 में भारत रेमिटेंस के मामले में दुनिया में पहले स्थान पर रहा. मेक्सिको दूसरे स्थान पर रहा, जिसे 68 अरब डॉलर का रेमिटेंस मिला, जबकि चीन तीसरे स्थान पर रहा और उसे 48 अरब डॉलर प्राप्त हुए. वैश्विक स्तर पर औसतन रेमिटेंस में 5.8% की वृद्धि हुई, जबकि भारत में यह 17.4% बढ़ा, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

कोविड-19 महामारी के बाद से भारत में रेमिटेंस में 63% की वृद्धि दर्ज की गई. विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उच्च आय वाले देशों में नौकरियों की बहाली इसका मुख्य कारण रही. अमेरिका और यूरोप में महंगाई बढ़ने के बावजूद भारतीय प्रवासियों ने अपने परिवारों को ज्यादा पैसा भेजा. बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस के अनुसार, महंगाई और घरेलू आय में गिरावट की वजह से भारतीय परिवार अब प्रवासी रिश्तेदारों पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं.


ये भी पढ़ें- शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 1500 अंक लुढ़ककर 75,900 पर पहुंचा, निफ्टी 350 अंक फिसला, आईटी और रियल्टी सेक्टर को सबसे ज्यादा नुकसान


भारतीय रिजर्व बैंक का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में रेमिटेंस और तेजी से बढ़ेगा. वर्ष 2029 तक यह 160 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विदेशी मुद्रा भंडार में भी इजाफा होगा.

-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

Recent Posts

सोना ₹1,457 महंगा, चांदी स्थिर; जानें 22 और 24 कैरेट गोल्ड के ताजा भाव

Gold Silver Rate Today 27 October: 27 अक्टूबर को सर्राफा बाजार में सोने की कीमत…

6 minutes ago

MLC Election Result: यूपी-बिहार समेत 4 राज्यों के नतीजों आज, जानें किसके सिर सजेगा ताज?

उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की विधान परिषद की 28 सीटों के चुनाव परिणामों…

21 minutes ago

Vijay-Rashmika की टीम पहुंची साइबर क्राइम! सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट और छेड़छाड़ वाले स्क्रीनशॉट का आरोप

Vijay Rashmika Fake Social Media Posts: विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की ‘विरोश’ टीम ने…

32 minutes ago

Bigg Boss 20: लव गिल और स्काउट के बीच बढ़ी दूरियां, रो-रोकर हुआ बुरा हाल; बोलीं- ‘मैं अंदर से मर गई हूं’

'बिग बॉस 20' के घर में ड्रामा रुकने का नाम नहीं ले रहा है. वीकेंड…

40 minutes ago

चक्रवात ‘अर्नब’ का मचेगा तांडव: 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, 70 की स्पीड से चलेंगी हवाएं

27 अक्टूबर के मौसम को लेकर दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार और कई अन्य राज्यों में…

1 hour ago

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम का बड़ा फैसला: 4 हाईकोर्ट को मिलेंगे नए चीफ जस्टिस, 9 नए जजों की भी होगी नियुक्ति

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 26 अक्टूबर 2026 को गुजरात, दिल्ली, तेलंगाना और उत्तराखंड हाईकोर्ट के…

2 hours ago