बिजनेस

Equity Markets: China के इक्विटी बाजारों से बेहतर प्रदर्शन कर रहा भारत, वर्ष 2000 से ऐसे जमाई धाक

Deutsche Bank की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि साल 2000 से अब तक भारत के इक्विटी बाजार ने चीन के इक्विटी बाजार की तुलना में बेहतर रिटर्न दिए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने अभूतपूर्व आर्थिक प्रगति दर्ज की है और इसके इक्विटी बाजार का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है. हालांकि, भारत के इक्विटी बाजार ने रिटर्न के मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है, जो इसे निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाता है.

रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत और अमेरिका 2024 तक उन चुनिंदा बाजारों में शामिल हैं जो रिकॉर्ड-उच्च CAPE (Cyclically Adjusted Price to Earnings) अनुपात के करीब कारोबार कर रहे हैं. CAPE, जो 10 वर्षों की अवधि में आय का औसत निकालता है, आर्थिक चक्र के उतार-चढ़ाव को सुचारू करता है, लेकिन यह बाजार की संरचनात्मक बदलावों को पूरी तरह से प्रतिबिंबित नहीं कर पाता.

भारत और अमेरिका का बेहतर प्रदर्शन

रिपोर्ट ने उल्लेख किया कि पिछली सदी के प्रारंभ में, अमेरिकी S&P 500 का CAPE अनुपात ऐतिहासिक रूप से उच्च स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन 2000 के दशक की शुरुआत में इसमें गिरावट आई. इसके बावजूद, यह अनुपात अब उन स्तरों तक बढ़ गया है जो इतिहास में केवल कुछ बार देखे गए हैं.

अमेरिका में तकनीकी उद्योग का प्रभुत्व, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में हुई प्रगति, और आय के प्रति निवेशकों की दीर्घकालिक अपेक्षाओं में हुए संरचनात्मक बदलाव, इन उच्च मूल्यांकनों को सही ठहराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, उत्साही निवेशकों का मानना है कि तकनीकी नवाचार और AI से जुड़े अवसर अमेरिका को संरचनात्मक रूप से मजबूत बनाते हैं.

भारत का सकारात्मक विकास परिदृश्य

इसी प्रकार, भारत का सकारात्मक विकास परिदृश्य और वैश्विक बाजारों में एक अग्रणी भूमिका निभाने की इसकी क्षमता भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित करती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की विकास संभावनाएं इतनी उत्साहजनक हैं कि निवेशक इसके संभावित दीर्घकालिक लाभ के लिए प्रीमियम देने को तैयार हैं.

इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत और अमेरिका दोनों 2025 से 2049 तक की अवधि में सदी की अगली तिमाही की मजबूत शुरुआत करने के लिए तैयार हैं. हालांकि, ये दोनों बाजार, मध्यम मूल्यांकन वाले बाजारों की तुलना में महंगे बने हुए हैं. इस कारण से, ये दोनों बाजार निवेशकों के लिए प्रमुख रुचि का केंद्र बने हुए हैं. उनका भविष्य का विकास उनकी संरचनात्मक ताकत और निवेशकों के विश्वास पर निर्भर करेगा.

– भारत एक्‍सप्रेस

Bharat Express Desk

Recent Posts

मोदी सरकार का बड़ा एक्शन: नार्को-कार्टेल पर सुरक्षा एजेंसियों का सर्जिकल स्ट्राइक, 100 करोड़ का हवाला नेटवर्क ध्वस्त

NCB ने मिजोरम पुलिस और ED के साथ मिलकर 'ऑपरेशन ट्राइडेंट' लॉन्च किया. असम, मिजोरम…

3 minutes ago

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अफसरों की लगाई क्लास, 3707 पोस्टमार्टम में से सिर्फ 2 की पुलिस ने मांगी ऑनलाइन

इलाहाबाद हाई कोर्ट की सख्ती के बाद मेडिको-लीगल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब सीधे CCTNS पोर्टल…

42 minutes ago

‘जाणता राजा’ का चौथा दिन: राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल और पतंजलि CMD आचार्य बालकृष्ण समेत ये हस्तियां आईं आज

गाजियाबाद के सनसिटी में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महानाट्य 'जाणता राजा' के…

53 minutes ago

12वें BRICS संसदीय मंच की मेजबानी करेगा भारत, नई दिल्ली में जुटेगी दुनिया; जानें पीएम मोदी और ओम बिरला का प्लान

नई दिल्ली में 26-27 अक्टूबर को 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच आयोजित हो रहा है. पीएम…

56 minutes ago

पहले मां, अब पीएम मोदी के बाप पर उतरी कांग्रेस, सुनें मल्लिकार्जुन खड़गे की मावालियों जैसी भाषा

Mallikarjun Kharge On PM Modi Father: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटना में पीएम मोदी…

1 hour ago