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इन्फोसिस वित्त वर्ष 2026 में 20,000 फ्रेशर्स को करेगी नियुक्त, सैलरी बढ़ाने की योजना पर कर रही है काम

भारत की दो सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाताओं का कहना है कि वे इस वित्तीय वर्ष में इंजीनियरिंग कॉलेजों से हजारों की संख्या में नियुक्तियां जारी रखेंगे, भले ही कमजोर समष्टि आर्थिक परिवेश में राजस्व वृद्धि कमजोर रहने की उम्मीद है.

वित्त वर्ष में 20 हजार फ्रेशर्स की नियुक्ति

इन्फोसिस ने गुरुवार को कहा कि वह इस वित्त वर्ष में 20,000 नए इंजीनियरिंग स्नातकों को नियुक्त करेगी, जो टीसीएस की तरह ही है, जिसने भी 42,000 की अपनी वार्षिक नियुक्ति संख्या पर कायम रहने की प्रतिबद्धता जताई है. केवल विप्रो ने कहा है कि वह मांग के माहौल के आधार पर अपने कैंपस हायरिंग प्रोग्राम को फिर से तैयार करेगी.

किस तरह से होगी भर्ती?

यह देखना अभी बाकी है कि यह भर्ती किस तरह से होगी, जो कि काफी हद तक प्रोजेक्ट रैंप-अप और अधिक डील इनफ्लो पर निर्भर करेगी. आगे कोई भी गिरावट कंपनियों को सावधानी से आगे बढ़ने के लिए मजबूर कर सकती है. मानव संसाधन फर्मों का कहना है कि आईटी सेवा कंपनियों की मांग पहले ही धीमी पड़ने लगी है.

बड़ी संख्या में सॉफ़्टवेयर इंजीनियरों की कमी

पिछले तीन वित्तीय वर्षों से इन कंपनियों द्वारा नियुक्तियाँ पहले से ही धीमी गति से चल रही हैं क्योंकि वे महामारी के एक साल बाद भर्ती किए गए विशाल कार्यबल को तर्कसंगत बना रही हैं. बड़ी संख्या में सॉफ़्टवेयर इंजीनियरों की ज़रूरत भी कम हो गई है क्योंकि ज़्यादातर प्रवेश-स्तर का काम स्वचालित हो गया है और कोड AI एजेंटों द्वारा लिखे जा रहे हैं.

इंफोसिस के कुल कर्मचारियों की संख्या में हुई वृद्धि

पूरे वर्ष के लिए, इंफोसिस के कुल कर्मचारियों की संख्या में 6,338 की वृद्धि हुई, तथा 31 मार्च तक कुल कर्मचारियों की संख्या 3,23,578 हो गई. स्वैच्छिक छंटनी चौथी तिमाही में बढ़कर 14.1 प्रतिशत हो गई, जो एक वर्ष पूर्व 12.6 प्रतिशत थी. इसकी तुलना में टीसीएस ने वर्ष के दौरान 6,433 लोगों को तथा विप्रो ने 732 लोगों को जोड़ा.

कर्मचारियों के वेतन वृद्धि अप्रैल से प्रभावी होने की राह पर

इंफोसिस ने यह भी कहा कि उसके कर्मचारियों के शेष हिस्से के लिए वेतन वृद्धि अप्रैल से प्रभावी होने की राह पर है. मुख्य वित्तीय अधिकारी जयेश संघराजका ने कहा, “हम वेतन वृद्धि के मामले में सही राह पर हैं. वेतन वृद्धि का एक बड़ा हिस्सा जनवरी में लागू किया गया था और शेष राशि लागू की गई है, जो 1 अप्रैल से प्रभावी होगी.” कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए औसतन 5-8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जो पिछले वर्षों की तुलना में कम थी. इन्फोसिस कर्मचारियों के प्रदर्शन को चार श्रेणियों में वर्गीकृत करता है – उत्कृष्ट, सराहनीय, अपेक्षाएं पूरी करने वाला, तथा सुधार की आवश्यकता वाला.

-भारत एक्सप्रेस 

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