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भारत में आर्थिक क्रांति! जन धन खातों में 2.75 लाख करोड़ जमा, 50% जन धन खाते महिलाओं के नाम

Jan Dhan Yojana News: भारत के जनधन खातों में इस समय लगभग 2.75 लाख करोड़ रुपये जमा हैं. इसकी जानकारी वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू ने शनिवार को दी. उन्होंने बताया कि भारत में कुल जनधन खातों के हिसाब से औसतन 4,815 रुपये बैठता है.

उन्होंने यह जानकारी भारतीय प्रशासनिक कर्मचारी महाविद्यालय (एएससीआई) में भारत की वित्तीय समावेशन यात्रा पर 69वें स्थापना दिवस व्याख्यान देते हुए दी. नागराजू ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से कुल 3.67 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं.

भारत के लिए चमत्कार

उन्होंने इसे चमत्कार के रूप में बताते हुए कहा कि भारत की वित्तीय समावेशन यात्रा किसी चमत्कार जैसा है. साल 2014 में प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) का शुभारंभ एक ऐतिहासिक क्षण था, जिसके तहत 57 करोड़ से अधिक लोगों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में लाया गया.

उन्होंने कहा, “जन धन खातों में आज लगभग 2.75 लाख करोड़ रुपये जमा हैं, यानी प्रति खाता लगभग 4,815 रुपये। लगभग 78.2 प्रतिशत जन धन खाते ग्रामीण या अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं, और 50 प्रतिशत महिलाओं के पास हैं.”

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भारत का वित्तीय समावेशन सूचकांक 67 पर पहुंचा

उन्होंने आगे कहा कि मार्च 2025 तक भारत का वित्तीय समावेशन सूचकांक 67 पर पहुंच गया है, जो प्रधानमंत्री जन-धन योजना जैसी पहलों के सहयोग से वित्तीय सेवाओं की पहुंच, उपयोग और गुणवत्ता में निरंतर सुधार को दिखाता है. एक प्रश्न के उत्तर में, नागराजू ने बताया कि एलआईसी अपने उत्पाद खरीद और लाभ वितरण प्रणालियों को पूरी तरह से डिजिटल बनाने की प्रक्रिया में है. ये सेवाएं कुछ महीनों में उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध हो जाएंगी.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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