एसबीआई पेंशन फंड्स के फंड चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर संतोष राव ने कहा है कि वैश्विक बाजारों का ध्यान अमेरिकी सरकारी शटडाउन से ज्यादा मुद्रास्फीति, कंपनियों की कमाई और श्रम डेटा पर केंद्रित रहेगा. उन्होंने आर्थिक टाइम्स को दिए साक्षात्कार में जोर दिया कि राजनीतिक अस्थिरता से अल्पकालिक उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन आर्थिक मूलभूत संकेतक ही बाजार की दिशा तय करेंगे.
राव ने कहा, “बाजार का फोकस मुद्रास्फीति, कमाई और श्रम डेटा पर ज्यादा रहेगा, न कि यूएस शटडाउन पर.”
राव के अनुसार, यूएस शटडाउन से अनिश्चितता बढ़ेगी, लेकिन फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और आगामी श्रम डेटा ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे. उन्होंने कहा, “शटडाउन से बाजार में गिरावट के अवसर मिल सकते हैं, क्योंकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है”. विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार मिश्रित संकेतों से जूझ रहे हैं, लेकिन राजनीतिक शोर से ऊपर उठकर डेटा-आधारित निवेश पर जोर देना चाहिए.
भारतीय बाजारों पर राव बेहद आशावादी हैं. उन्होंने कहा कि मजबूत कॉर्पोरेट कमाई, अच्छे मानसून से ग्रामीण मांग में उछाल और नीतिगत निरंतरता से बाजार तेजी बरकरार रखेंगे. आईटी और बैंकिंग जैसे क्षेत्र अगुवाई करेंगे. राव ने कहा, “भारत की मजबूत वृद्धि कहानी और मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता से लंबे समय में पूंजी प्रवाह आएगा. जनसांख्यिकीय लाभ और वैश्विक एकीकरण निवेशकों को आकर्षित करेंगे,” हालिया एफआईआई गतिविधि भी इसकी पुष्टि करती है.
राव ने निवेशकों को सलाह दी कि मजबूत बैलेंस शीट वाली गुणवत्ता वाली स्टॉक्स पर फोकस करें और क्षेत्रों में विविधीकरण अपनाएं. राव ने कहा, “मुद्रास्फीति डेटा पर नजर रखें, क्योंकि यह मौद्रिक नीति प्रभावित करेगा. भारत में लंबे समय तक निवेश करने वाले धैर्यवान निवेशकों को पुरस्कार मिलेगा,” यह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय बाजार वैश्विक अस्थिरता से अलग हटकर घरेलू खपत और सरकारी खर्च पर टिके हैं.
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