नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि टेक्नोलॉजी हमारी विकास दर को 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ा सकती है और हमें स्किल बढ़ाने के लिए अधिक निवेश करना होगा. भारत को एक टेक केंद्रित देश बनाने के लिए नीति आयोग ने नीति फ्रंटियर टेक हब (नीति-एफटीएच) को लॉन्च किया है, जो कि फ्रंटियर टेक एक्शन टैंक होगा.
इसका उद्देश्य विकसित भारत की दिशा में तेज आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी इनोवेशन और उसके उपयोग को बढ़ाने के लिए देश को सक्षम बनाना है. साथ ही मानवता और पर्यावरण को लाभ पहुंचाने वाली उभरती टेक्नोलॉजी के विकास और अपनाने को आगे बढ़ाकर दुनिया भर में भारत के मानव-केंद्रित दृष्टिकोण का समर्थन करना है.
सुब्रह्मण्यम आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि आज के समय में दुनिया को हिला देने वाली टेक्नोलॉजी सामने आ रही है. इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम और बायोलॉजिकल शामिल हैं. हम उनका इस्तेमाल व्यक्तिगत रूप से – शिक्षा, रोजगार या नौकरी ढूंढने में कर सकते हैं. इसके आलावा उन्होंने कहा कि कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और सरकार में भी इन टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा सकता है. इससे हमारी क्षमता और दक्षता दोनों बढ़ेंगी और विकास को भी रफ्तार मिलेगी.
सुब्रह्मण्यम ने कहा कि मौजूदा समय में हम दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं और आने वाले कुछ वर्षों में हम अमेरिका, चीन के बाद तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे. इसी के हिसाब से हमें टेक्नोलॉजी में भी लीड लेनी होगी. सुब्रह्मण्यम ने आगे कहा कि सरकार का फोकस मानव-केंद्रित टेक्नोलॉजी विकसित करने को लेकर है कि कैसे टेक्नोलॉजी से आम आदमी के जीवन में सुधार आए और आय में इजाफा होने के साथ जीवन भी आसान बने.
-भारत एक्सप्रेस
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