Sensex Crash (AI Image)
Sensex Crash: अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद शेयर बाजार में आई 5 दिनों की तेजी पर शुक्रवार को ब्रेक लग गया. मुनाफावसूली और आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली के चलते महज 2 घंटे में निवेशकों को ₹1.3 लाख करोड़ का चूना लग गया (selling by foreign investors).
भारतीय शेयर बाजार में पिछले पांच कारोबारी सत्रों से जारी रिकॉर्ड तेजी पर शुक्रवार को अचानक ब्रेक लग गया. बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दौर आया कि महज दो घंटे के भीतर BSE लिस्टेड कंपनियों की मार्केट वैल्यू ₹1.3 लाख करोड़ घटकर ₹4,76,38,963 करोड़ पर आ गई. सेंसेक्स जहां 800 से ज्यादा अंक टूट गया, वहीं निफ्टी भी 24,000 के स्तर से नीचे फिसल गया.
बाजार में शुक्रवार को आई इस सुनामी का सबसे बड़ा विलेन आईटी सेक्टर साबित हुआ. दिग्गज वैश्विक आईटी कंपनी ‘एक्सेंचर’ (Accenture) ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान को 3-5% से घटाकर 3-4% कर दिया. इस खबर के बाद अमेरिकी बाजार में एक्सेंचर का शेयर 19% तक टूट गया (investor losses).
इसका सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ा और निफ्टी आईटी इंडेक्स इंट्राडे में 6% तक रेंग गया. टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और टेक महिंद्रा जैसी कंपनियों के शेयर 5 से 8% तक टूट गए, जिससे निवेशकों में डर फैल गया कि वैश्विक कंपनियां अभी भी टेक खर्चों में कटौती कर रही हैं.
बाजार के सेंटिमेंट को बिगाड़ने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बेरुखी ने भी बड़ी भूमिका निभाई. लगातार तीन दिनों तक खरीदारी का रुख दिखाने के बाद, FIIs ने अचानक यू-टर्न लिया और गुरुवार को ₹1,025 करोड़ के शेयर बेच डाले. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) इस साल भारतीय बाजार के महंगे वैल्यूएशन के कारण लगातार पैसे निकाल रहे हैं और उन बाजारों का रुख कर रहे हैं जहां वैल्यूएशन ज्यादा आकर्षक है.
हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को थामने की कोशिश की, लेकिन FIIs के बिकवाली के दबाव के आगे वे टिक नहीं सके.
गिरावट की एक बड़ी और स्वाभाविक वजह मुनाफावसूली (Profit Booking) भी रही. मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की खबरों के बाद पिछले 5 ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स करीब 5% और निफ्टी 4% से ज्यादा चढ़ चुका था. शेयर काफी कम समय में महंगे हो चुके थे.
चूंकि बाजार कभी भी एक सीधी रेखा में ऊपर नहीं जाता, इसलिए ट्रेडर्स ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा वसूलना सही समझा. शुक्रवार को जैसे ही बिकवाली शुरू हुई, लंबे समय से शांत बैठे निवेशकों ने भी प्रॉफिट बुकिंग का बटन दबा दिया, जिसने गिरावट की आग में घी का काम किया.
-भारत एक्सप्रेस
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