कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत शुक्रवार को गिरावट के साथ हुई. बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है. सुबह 9: 41 पर सेंसेक्स 334 अंक या 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,960 और निफ्टी 168 अंक या 0.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,081 पर था.
बाजार में गिरावट का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रेसिप्रोकल टैरिफ के ऐलान को माना जा रहा है, जिससे वैश्विक बाजारों में बिकवाली का दौर शुरू हो गया है. एशिया के बड़े बाजार जैसे टोक्यो, बैंकॉक और सोल लाल निशान में हैं. यूएस के बाजारों में गुरुवार को भारी बिकवाली हुई. डाओ करीब 4 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक करीब 6 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ.
देश में लार्जकैप के साथ स्मॉलकैप और मिडकैप में भी बिकवाली देखी जा रही है. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,003 अंक या 1.92 प्रतिशत की गिरावट के साथ 51,173 पर था. निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 326.15 अंक या 2.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15,929 पर था. सेक्टोरल आधार पर ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फार्मा, मेटल, मीडिया, एनर्जी, प्राइवेट बैंक और इन्फ्रा इंडेक्स में बड़ी गिरावट देखी जा रही है. केवल फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में ही तेजी बनी हुई है.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर निवेशकों का रुझान नकारात्मक बना हुआ है. 1,625 शेयर लाल निशान में और 440 शेयर हरे निशान में हैं. पीएल कैपिटल ग्रुप – प्रभुदास लीलाधर की टेक्निकल रिसर्च वाइस प्रेसिडेंट वैशाली पारेख ने कहा कि कमजोर संकेतों के बीच निफ्टी ने 23,150 के स्तर के 50ईएमए सपोर्ट लेवल से अच्छी रिकवरी दिखाई, जिससे आगे भी ऊपर की ओर बढ़ने की उम्मीद है. हालांकि, शर्त यह है कि 23,100 का सपोर्ट न टूटे.
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 3 अप्रैल को लगातार चौथे सत्र में बिकवाली का सिलसिला जारी रखा और 2,806 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार पांचवें दिन शुद्ध खरीदार बने रहे और उन्होंने 221.47 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.
-भारत एक्सप्रेस
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